जमशेदपुर : बर्मामाइंस में दो साल तक एक ही कमरे में कैद मां और बेटी को बेहतर इलाज के लिए सोमवार को रांची के मानसिक आरोग्यशाला (रिनपास) भेज दिया गया. सामाजिक कार्यकर्ता सह बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की जिला संयोजिका व शिक्षिका मीरा शर्मा ने मां-बेटी को कमरे से बाहर निकाला.
खबर प्रभात खबर में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया. एसएसपी अनूप बिरथरे के निर्देश पर मां-बेटी को रांची भेजने की व्यवस्था की गयी. देर शाम उन्हें रिनपास में भर्ती करा दिया गया है. यहां दोनों का इलाज किया जायेगा.
