यूनियन नेता आलम व सतीश को एचआरएम हेड ने बताया, आरबीबी के वक्त हुए समझौते के तहत समायोजित हुए सुरक्षाकर्मी

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के पूर्व अध्यक्ष आरबीबी सिंह के कार्यकाल में हुए समझौते के तहत ट्यूब डिवीजन से सुरक्षाकर्मियों का टाटा स्टील के सिक्यूरिटी वर्क्स में समायोजन किया गया है.

यह जानकारी ट्यूब डिवीजन के एचआरएम डिवीजन की हेड श्रुति चौधरी ने यूनियन प्रतिनिधियों को दी. मंगलवार को यूनियन उपाध्यक्ष शहनवाज आलम और सहायक सचिव सतीश सिंह ने श्रुति चौधरी के साथ मीटिंग की. इस दौरान सरोज सिंह को छोड़ ट्यूब डिवीजन के सभी कमेटी मेंबर मौजूद थे. मीटिंग में यूनियन प्रतिनिधियों ने सुरक्षाकर्मियों के समायोजन का विरोध किया. इस पर श्रुति चौधरी ने वर्ष 2003 में हुए समझौता की जानकारी साझा की, जिसमें यह तय किया गया था कि सिक्यूरिटी वर्क्स का ट्यूब व टाउन में एक साथ समायोजन हो जायेगा. तब यूनियन अध्यक्ष आरबीबी सिंह थे.

मीटिंग के दौरान कमेटी मेंबरों के साथ एचआरएम हेड द्वारा किये गये कथित दुर्व्यवहार की भी कमेटी मेंबरों ने शिकायत की. इस दौरान कर्मचारियों को वीआरएस, इएसएस या नौकरी छोड़ो, नौकरी पाओ स्कीम पर भी चर्चा की गयी. दोनों ओर से सहमति बनी कि इसे लेकर कर्मचारियों पर कोई दबाव नहीं बनाया जायेगा. मीटिंग के दौरान आपसी दूरियाें को दूर करने का फैसला लिया गया. उपाध्यक्ष शहनवाज आलम और सहायक सचिव सतीश सिंह ने संयुक्त रूप से सिक्यूरिटी के मसले पर अध्यक्ष आर रवि प्रसाद से बात करने की बात कहीं.
प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने का दबाव, कमेटी बनी
जमशेदपुर. टाटा स्टील के ट्यूब डिवीजन में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए इंप्रुवमेंट ऑफ सर्विस प्रोवाइडर की एक कमेटी बनायी गयी है. कंपनी के प्रेसिडेंट आनंद सेन के स्तर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सर्विस प्रोवाइडर के जरिये कर्मचारियों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए कदम उठाया जा रहा है, जिसके तहत स्थायी और अस्थायी कर्मचारी का आउटपुट को बढ़ाया जाना है. इसके लिए एक कमेटी बनायी गयी है, जिसमें हेड मेंटेनेंस संतोष कुमार, एसटी मिल के हेड राजेश कुमार, हेड पीटी मिल सी प्रकाश, हेड प्रोक्योरमेंट, स्टोर्स ब्रजेश कुमार, हेड ट्यूब एचआरएम श्रुति चौधरी, सीनियर मैनेजर राशि को संयोजक बनाया गया है जबकि ट्यूब के इआइसी को चेयरमैन बनाया गया है. कमेटी यह तय करेगी कि कैसे ट्यूब डिवीजन के खर्च को कम किया जाये और कर्मचारियों का आउटपुट बढ़ाया जा सके.
    Share Via :
    Published Date
    Comments (0)
    metype

    संबंधित खबरें

    अन्य खबरें