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PM Cares Relief Fund: बिहार के युवकों ने झारखंड में 2 बैंक अकाउंट खोलकर की 50 लाख की ठगी, ऐसे चलता था गोरखधंधा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
बिहार के दोनों अपराधियों में एक बीटेक पास है, तो दूसरा साइबर क्राइम के बड़े गिरोह से जुड़ा है.
बिहार के दोनों अपराधियों में एक बीटेक पास है, तो दूसरा साइबर क्राइम के बड़े गिरोह से जुड़ा है.
Shankar Prasad

हजारीबाग : पीएम केयर रिलीफ फंड के नाम पर 50 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों साइबर अपराधी बिहार के रहने वाले हैं. एक मुजफ्फरपुर थाना करजा के बंगरीटोला का रोशन कुमार (पिता रविशंकर शाह), तो दूसरा नालंदा नूरसराय के रोहित राज (पिता नगीना चौधरी) है.

दोनों ने हजारीबाग शहर के दो बैंक पंजाब नेशनल बैंक बड़ा बाजार शाखा और यूनियन बैंक अन्नदा कॉलेज शाखा में पीएम केयर रिलीफ फंड के नाम से खाता खुलवाया. इस खाता में लोगों ने 50 लाख रुपये दान किये. इसके लिए दोनों अपराधियों ने पीएम केयर रिलीफ फंड के नाम से एक वेबसाइट भी बनायी थी.

इन दोनों अपराधियों ने पीएम केयर रिलीफ फंड के नाम एक फर्जी वेबसाइट www.pmcarerelieffund.com बनाकर लोगों से दान की अपील की. इसके लिए यूनियन बैंक में खाता संख्या 5391020109587423 और पंजाब नेशनल बैंक में खाता संख्या 6635000100047154 खोला गया. इन दोनों खाता में लगभग 50 लाख रुपये का दान आया था.

साइबर ठगों ने पैसे निकालने में भी फर्जीवाड़ा किया. इसके बाद दोनों बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने सदर थाना में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करायी. पुलिस ने बताया कि पीएम केयर रिलीफ फंड के नाम से अलग-अलग बैंकों के दो खातों से रुपये की निकासी व जमा होने की प्रक्रिया पर बैंक के शाखा प्रबंधकों को संदेह हुआ.

दोनों बैंकों की ओर से सदर थाना में 9 अप्रैल, 2020 को आइटी एक्ट के तहत कांड संख्या 124/20 और 125/20 दर्ज कराया गया. पुलिस की साइबर अपराध जांच टीम ने पैसे के लेन-देन में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया. ये चारों आरोपी हजारीबाग के रहनेवाले थे. पीएम केयर रिलीफ फंड की राशि इन्हीं लोगों के खाते में ट्रांसफर हो रही थी.

पुलिस ने इन चारों लोगों से पूछताछ की, तो इन्होंने बताया कि साइबर अपराध का मुख्य सरगना बिहार में रहता है. इन्होंने उसके बारे में पूरी जानकारी पुलिस को दे दी. पिछले तीन माह से हजारीबाग पुलिस इनकी सूचना के आधार पर साइबर तकनीक का सहारा लेकर दोनों अपराधियों और उनके पास जा रहे पैसे के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर ली.

इसके बाद हजारीबाग सदर थाना में दर्ज कांड के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया. टीम में इंस्पेक्टर सह सदर थाना प्रभारी गणेश कुमार सिंह, साइबर सेल के अवर निरीक्षक विक्रम कुमार, अभिषेक कुमार सिंह, विकर्ण कुमार, तकनीकी शाखा के शशि रंजन जायसवाल शामिल थे. टीम ने बैंक खाता और वेबसाइट के लिंक का मिलान किया और दोनों अपराधियों तक पहुंच गयी.

एसपी कार्तिक एस ने कहा कि पकड़े गये साइबर अपराधी रोहित ने बीटेक की पढ़ाई की है. वहीं, रोशन कुमार साइबर अपराध के बड़े गैंग का सदस्य है. पुलिस ने इन दोनों साइबर अपराधियों से दो लैपटॉप, 7 सिम कार्ड, 8 एटीएम कार्ड और एक मोबाइल फोन जब्त किये. जब्त दोनों लैपटॉप से ही वेबसाइट डिजाइन की गयी थी. इस वेबसाइट को बैंक अकाउंट से लिंक कर दिया गया था.

Posted By : Mithilesh Jha

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