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आउटसोर्सिंग त्रिवेणी सैनिक के वोल्वो चालक की मौत, मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर माइंस का कामकाज किया ठप

हजारीबाग के पकरी बरवाडीह कोल माइंस स्थित आउटसोर्सिंग एजेंसी त्रिवेणी सैनिक के एक कर्मी की मौत पर घंटाें हंगामा मचा. परिजन समेत स्थानीय लोगों ने मुआवजा समेत आश्रितों को नौकरी देने की मांग की है. इस दौरान माइंस का कामकाज प्रभावित रहा.

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
Jharkhand news: त्रिवेणी सैनिक कंपनी के कर्मी की मौत पर गुस्साये लोगों ने किया प्रदर्शन.
Jharkhand news: त्रिवेणी सैनिक कंपनी के कर्मी की मौत पर गुस्साये लोगों ने किया प्रदर्शन.
प्रभात खबर.

Jharkhand news : हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव स्थित NTPC पकरी बरवाडीह कोल माइंस के आउटसोर्सिंग एजेंसी त्रिवेणी सैनिक के वोल्वो चालक लियाकत हुसैन की मौत 3 जनवरी की सुबह ड्यूटी से घर जाने के क्रम में ठंड लगने से हो गई. इसके बाद 20 लाख रुपये मुआवजा और परिजनों को नौकरी देने के मांग पर सोमवार की दोपहर से वर्कर्स और परिजनों ने माइंस का कामकाज पूरी तरह से ठप कर दिया.

मृतक के पिता सेराज हुसैन ने बताया कि मृतक लियाकत हुसैन (33 वर्ष) चार बच्चों का पिता था. वर्ष 2017 से त्रिवेणी सैनिक कंपनी में वोल्वो चला रहा था. उसकी मौत हो जाने पर परिवार के समक्ष बहुत बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. त्रिवेणी सैनिक कंपनी से मुआवजे के तौर पर 20 लाख रुपये और मृतक के आश्रितों को नौकरी की मांग की है.

मृतक की बेटी तमन्ना नाजमी ने जामस्थल पर पहुंच कर बताया कि पापा की मौत ड्यूटी से घर जाने के दौरान हुआ है. साथ ही त्रिवेणी सैनिक माइनिंग कंपनी के आला अधिकारियों पर वर्करों पर शोषण करने का आरोप लगाया. साथ ही कहा कि ड्यूटी के दौरान ठंड से बचने के लिए वोल्वो वाहनों में लगा हिटर बार- बार खराब होने से खोल दिया गया. दोबारा हिटर नहीं लगाने से चालक ठंड से ग्रसित हैं. ठंड से बचने के लिए कोई कारगर व्यवस्था सैनिक कंपनी के द्वारा नहीं किया गया है.

मौके पर मौजूद वर्करों ने कहा कि जब तक माइंस का कार्यभार त्रिवेणी के अधीन था, तबतक वर्करों की स्थिति कुछ हद तक ठीक थी. लेकिन सैनिक के अधीन कार्यभार आते ही माइंस की विधि व्यवस्था व्यवस्था चरमरा गयी है. साथ ही वर्करों को ड्यूटी के दौरान शोषण का भी शिकार होना पड़ रहा है. इस दौरान सैनिक कंपनी के कर्मी मंगल सिंह और कमेटी के लोग, स्थानीय नेताओं और परिजनों के साथ वार्ता हुई.

रिपोर्ट : संजय सागर, बड़कागांव, हजारीबाग.

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