कंस का बध करने के लिए भगवान कृष्ण का अवतार हुआ था : किशोरी
चौपारण. जगदीशपुर में आयोजित नौ दिवसीय महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वृंदावन से आईं लाडली खुशबू किशोरी जी के प्रवचन सुनने के लिए लोग सूर्यास्त के बाद पंडाल में एकत्रित होते हैं. यज्ञ के पांचवें दिन मंच का उदघाटन पूर्व जिप सदस्य रामस्वरूप पासवान और प्रो. बिराज रविदास ने किया. अपने प्रवचन में किशोरी जी ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ा है, भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं. भगवान कृष्ण का अवतार भी इसी उद्देश्य से हुआ था. उन्होंने बताया कि कंस केवल एक व्यक्ति नहीं था, बल्कि अहंकार, अत्याचार और अन्याय का प्रतीक था, जिसने अपने स्वार्थ और सत्ता के मद में निर्दोषों को कष्ट दिया. ऐसे समय में भगवान कृष्ण ने कारागार में जन्म लेकर यह संदेश दिया कि सत्य और धर्म को कोई भी शक्ति दबा नहीं सकती. कृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और विश्वास बनाये रखना चाहिए. किशोरी जी ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने भीतर के कंस अहंकार, क्रोध और लोभ को त्यागें और भगवान कृष्ण के आदर्शों को अपनायें. इस अवसर पर यज्ञ कमेटी के अध्यक्ष चंद्रदेव यादव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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