Hazaribagh Crime News, हजारीबाग: हजारीबाग जिला पुलिस ने महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक संवेदनशील मामले का कुछ ही घंटों में उद्भेदन कर दिया है. केरेडारी थाना पुलिस ने एक नाबालिग पीड़िता को सकुशल बरामद करने के साथ ही आरोपी युवक को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है.
शादी की तैयारियों के बीच हुआ था अपहरण
मामला केरेडारी थाना क्षेत्र के कुठान गांव का है. पीड़िता के पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय पुत्री को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर भगा लिया गया है. अत्यंत दुखद पहलू यह था कि पीड़िता का विवाह आगामी 12 मई को तय था और घर में शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं. खुशियों के माहौल के बीच हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में था.
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विशेष टीम का गठन और त्वरित छापेमारी
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए हजारीबाग पुलिस अधीक्षक (SP) के आदेश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. इस टीम में थाना प्रभारी और केस के अनुसंधानकर्ता एसआई अनूप कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
तकनीकी अनुसंधान से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस टीम ने तकनीकी सेल की मदद और गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार, 9 मई 2026 को त्वरित छापेमारी की. पुलिस ने कांड संख्या 54/26 के नामजद अभियुक्त रितेश कुमार (22 वर्ष), पिता- गणेश महतो को गिरफ्तार कर लिया. रितेश भी कुठान गांव का ही रहने वाला है. तलाशी के दौरान पुलिस ने अपहृत नाबालिग को भी सुरक्षित बरामद कर लिया.
न्यायिक प्रक्रिया और जेल की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि बरामदगी के बाद पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण (Medical Exam) कराया गया और न्यायालय में दंड प्रक्रिया संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत बयान दर्ज कराए गए. इसके पश्चात, गिरफ्तार अभियुक्त रितेश कुमार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बालिकाओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा.
