हजारीबाग कोषागार से पुलिस वेतन मद से करोडों रुपये की अवैध निकासी मामले की जांच के लिये सीआइडी हजारीबाग पहुंची

हजारीबाग कोषागार से पुलिस वेतन मद में करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का मामला अब सीआइडी के हाथों में है.

जांच दल ने कोषागार समेत अन्य संस्थानों में जांच की हजारीबाग. हजारीबाग कोषागार से पुलिस वेतन मद में करोड़ों रुपये की अवैध निकासी का मामला अब सीआइडी के हाथों में है. गृह विभाग ने इस घोटाले की जांच का जिम्मा सीआइडी को सौंपा है. शुक्रवार को तीन सदस्यीय सीआइडी टीम हजारीबाग पहुंची और जांच की शुरुआत लोहसिंघना थाना से की, जहां इस मामले की प्राथमिकी दर्ज है. टीम ने थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा से विस्तृत जानकारी ली और अब तक की पुलिस कार्रवाई का ब्योरा प्राप्त किया. अवैध निकासी से अर्जित संपत्ति का विवरण खंगाला टीम ने जांच से जुड़े सभी दस्तावेज, संकलित साक्ष्य, जब्त बैंक पासबुक और अवैध निकासी से अर्जित संपत्ति का विवरण खंगाला. इसके बाद कोषागार कार्यालय जाकर पुलिस वेतन मद से संबंधित कुबेर पोर्टल की तकनीकी जानकारी हासिल की. कोषागार पदाधिकारी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया था, उनकी बारीकियों को समझने का प्रयास किया गया. टीम ने समाहरणालय स्थित पुलिस लेखा शाखा में भी जाकर पदाधिकारियों और कर्मियों से पूछताछ की. प्राथमिकी लोहसिंघना थाना कांड संख्या 32-26 में दर्ज है. मामले की प्राथमिकी लोहसिंघना थाना कांड संख्या 32-26 में दर्ज है. आरोप है कि तीन पुलिसकर्मी आरक्षी शंभु कुमार, रजनीश सिंह उर्फ पंकज और धीरेंद्र सिंह ने कुबेर पोर्टल में छेड़छाड़ कर ₹15.41 करोड़ की फर्जी निकासी की. प्रारंभिक जांच में पाया गया कि निकाली गयी राशि को उनके परिजनों के विभिन्न बैंकों के 21 खातों में ट्रांसफर किया गया. इन सभी खातों को होल्ड कर दिया गया है. साथ ही, फर्जी निकासी से अकूत अचल संपत्ति की खरीदारी का भी खुलासा हुआ है. इस मामले में तीनों आरोपी पुलिसकर्मी समेत कुल पांच लोग जेपी केंद्रीय कारा में बंद हैं. सीआइडी की जांच का दायरा केवल हजारीबाग तक सीमित नहीं है, बल्कि बोकारो, रांची और रामगढ़ जिला कोषागार से हुई अवैध निकासी की भी पड़ताल की जा रही है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vikash nath

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >