गाजर घास फसलों की वृद्धि को रोक देता है

आइसेक्ट विश्वविद्यालय के कृषि संकाय की ओर से 16 से 22 अगस्त तक गाजर घास को लेकर जागरूकता सप्ताह मनाया गया.

22 हैज 22 में कार्यक्रम में शामिल टीम के सदस्य व अन्य दारू. आइसेक्ट विश्वविद्यालय के कृषि संकाय की ओर से 16 से 22 अगस्त तक गाजर घास को लेकर जागरूकता सप्ताह मनाया गया. शुक्रवार को दारू पंचायतन भवन में एक दिवसीय संगोष्ठी हुई. जागरूकता कार्यक्रम के तहत तरवा, हुटपा एवं हरली गांव में जाकर किसानों को इसके फायदे एवं गुण बताया. मुखिया सुनील कुमार ने आइसेक्ट विश्वविद्यालय के जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की. कहा कि कुलपति, कुलसचिव, समकुलपति और कृषि संकाय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष व अन्य धन्यवाद के पात्र हैं. डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि पार्थेनियम या गाजर-घास एकवर्षीय शाकीय पौधा है. यह किसी भी तरह के वातावरण में पनप सकता है. थोड़े ही समय में यह खेतों पर कब्जा कर लेता है और फसलों की वृद्धि को रोक देता है. विभागाध्यक्ष डॉ एसपी विश्वकर्मा ने कहा कि यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका उपयोग किया जाये, तो यह अभिशाप नहीं है. संचालन प्रभात किरण व धन्यवाद ज्ञापन फरहीन सिद्दीकी ने दिया. सप्तशक्ति संगम कार्यशाला का आयोजन हजारीबाग. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर कुम्हारटोली में जिला स्तरीय सप्तशक्ति संगम कार्यशाला 2025 का आयोजन हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना से हुई. विभाग निरीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह ने मातृशक्ति, स्वदेशी, पर्यावरण और संस्कारयुक्त शिक्षा पर बल दिया. माताओं की भूमिका को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताया. विद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ अमिता कुमारी व कोषाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने नारी शक्ति और संस्कारों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य व दीदी उपस्थित थी.

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Author: VIKASH NATH

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