हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग शहरी क्षेत्र में स्थित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका विद्यालय (गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल) में नियम से हटकर विद्यार्थियों से फीस (शुल्क) के नाम पर अवैध वसूली का एक मामला प्रकाश में आया है. आरोप है कि स्कूल प्रशासन छात्रों से निर्धारित शुल्क से अधिक पैसों की वसूली कर रहा है. इससे कई विद्यार्थी और उनके अभिभावक असहज महसूस कर रहे हैं. कुछ अभिभावकों की आरजू-विनती के बाद भी स्कूल प्रबंधन अलग (एक्स्ट्रा) से लिये जा रहे पांच सौ (500/-) की राशि में कोई कमी नहीं की है. इस पर अधिकांश अभिभावकों ने नाराजगी व्यक्त किया है. इनकी नाराजगी के बाद मामला प्रकाश में आया है.
अतिरिक्त पैसों की नहीं दे रहे रसीद
जिले में गरीब एवं असहाय बालिकाओं के लिए मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत सीबीएसई पैटर्न पर संचालित गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में सत्र 2026-27 के लिए नामांकन शुरू है. इसमें कक्षा छह और 11वीं की तीनों संकाय जैसे साइंस, कॉमर्स एंड आर्ट्स मिलाकर 160 बालिकाओं का नामांकन पूरा होगा. नामांकन प्रक्रिया के तहत स्कूल प्रबंधन की ओर से वार्षिक शुल्क लिया जा रहा है. इसमें कैटिगरी वाइज जैसे जेनरल विद्यार्थियों से 685, ओबीसी से 518 और एसटी/एससी के विद्यार्थियों से राशि निर्धारित है. इसकी रसीद दी गई है. वहीं, इसके आलावा सभी विद्यार्थियों से एकमुश्त पांच सौ (500/-) रूपये अलग (एक्स्ट्रा) से लिया जा रहा है. इसका रसीद नहीं दिया गया है. नये नामांकन 160 और पहले से अध्यनरत 240 दोनों मिलाकर 400 विद्यार्थियों से एक्स्ट्रा 500 रुपयेकी वसूली का मतलब दो लाख से अधिक की राशि जमा करने के पीछे स्कूल प्रबंधन का मकसद सवाल को जन्म दिया.
क्या कहती हैं स्कूल की प्राचार्या
गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल की प्रभारी प्राचार्या सुजाता केरकेट्टा ने कहा है कि विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के निर्णय पर एक-एक विद्यार्थियों से एक्स्ट्रा 500 रुपये लिए जा रहे हैं. इसके बदले में बालिकाओं को स्कूल डायरी, आईडी कार्ड मिलेगा. निकट समय में आने वाले सरस्वती पूजा की तैयारी के अलावा स्कूल की साफ-सफाई के लिए ज़रूरी सामग्री की खरीदारी को लेकर पैसा इकट्ठा हो रहा है.
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एंट्रेंस एग्जाम में वसूले गये 150 रुपये
सत्र 2026-27 के लिए स्कूल के 11वीं कक्षा में नये नामांकन के लिए 28 अप्रैल 2026 को प्रवेश परीक्षा (एंट्रेंस एग्जाम) लिया गया है. इसमें भाग लेने वाले लगभग 210 से अधिक बालिकाओं से 150 रुपये की वसूली की गई है. बदले में विद्यार्थियों को कोई रसीद नहीं मिली है. इधर एक वर्षों में जमा विभिन्न तरह के कबाड़ को स्कूल प्रबंधन ने बिक्री किया है. इससे भी लगभग 40 हजार से अधिक राशि स्कूल प्रबंधन को मिली है. इसपर कई लोगों ने सवाल उठाया है.
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