बड़कागांव : अधिकार मांगने से नहीं मिलता, सरकार से लड़ने से मिलेगा. सरकार राज्य से 2019 तक गरीबी हटाने की बात करती है और उल्टे यहां गरीबों की जमीन छीनी जा रही है. उक्त बातें पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बडकागांव में आयोजित विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में सोमवार को कही.
उन्होंने कहा की झारखंड मुक्ति मोरचा आंदोलन की उपज है, जो ग्रामीणों भू रैयतों के हितों की रक्षा के लिए सदैव खड़ा रहेगा. कौड़ी के दाम में किसी भी कंपनी को जमीन नहीं दी जायेगी. किसानों को दिहाड़ी मजदूर नही बनने देंगे. आदिवासी मूलवासी की अनदेखी करनेवाली सरकार को उखाड़ फेकेंगे. आम जनता के अलावा राज्य के अधिकारी, शिक्षक, किसान, भूरैयत,सभी त्राहिमाम है.
मांडू विधायक सह पूर्व मंत्री जेपी पटेल ने कहा कि राज्य को चारागाह बनाने नही देंगे. लोग यूपी बिहार और छत्तीसगढ़ से आकर मूलवासी और आदिवासियों की हितो से खिलवाड़ कर रहे हैं.
राज्य को लुटाने की साजिश बना रहे है. जिनके मंसूबे को कभी पूरा नहीं होने देंगे. गोमिया विधायक योगेंद्र महतो ने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ होते हैं. राज्य की सरकार निक्कमी है, जो कभी भी गरीब झारखंडियों के लिए नहीं हो सकता. जिप सदस्य संजीव कुमार बेदिया ने कहा कि क्षेत्र की जनता की हितो की रक्षा के लिए कुर्बानी देने को तैयार हैं.गैरकानूनी तरीके से किये जा रहे भूमि अधिग्रहण के विरुद्ध आरपार की लड़ाई की लड़ी जायेगी.
अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सफीउल्लाह आंसारी व संचालन जिला सचिव झमन महतो ने किया. शुरुआत स्व बंशीधर यादव की तसवीर पर माल्यार्पण कर की गयी. पारा शिक्षक सरक्षरता कर्मी ने भी अपनी अपनी समस्याएं रखीं. मौके पर रामगढ़ जिला अध्यक्ष विनोद किस्कू, सुखदेव यादव, बुद्धिजीवी मंच के जिला अध्यक्ष कमल नयन सिंह, किशोर राणा, संजय सिंह, राकेश मिश्रा, इंद्रदेव राम, रफीक आंसारी, हेमंत भुइयां, मो हुसैन, वेसेश्वर राम, संजय गुप्ता समेत सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे.
