कटकमसांडी पथ पर एक कदम चलना भी मुश्किल

इटखोरी : इटखोरी कटकमसांडी पथ पर चलना मुश्किल हो गया है. मरम्मत के अभाव में पक्की सड़क का अस्तित्व समाप्त हो गया है. पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गयी है. इटखोरी से ढोठवा की दूरी मात्र आठ किमी है. इसे तय करने में 45 मिनट का समय लगता है. सड़क की जर्जर हालत चतरा […]

इटखोरी : इटखोरी कटकमसांडी पथ पर चलना मुश्किल हो गया है. मरम्मत के अभाव में पक्की सड़क का अस्तित्व समाप्त हो गया है. पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो गयी है. इटखोरी से ढोठवा की दूरी मात्र आठ किमी है. इसे तय करने में 45 मिनट का समय लगता है. सड़क की जर्जर हालत चतरा जिला के सीमा क्षेत्र तक ही है. सड़क की जर्जर हालत के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है. निर्माण काल (2001) से ही इसकी मरम्मत नहीं हुई है.
किसी भी गर्भवती महिला को इटखोरी स्थित सीएचसी लाना खतरों से भरा होता है. उक्त सड़क आरइओ विभाग के अधीन है. इस मार्ग से ही बक्सा डैम व आइअीआइ जाना पड़ता है. यह सड़क चतरा जिला के इटखोरी व हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड को जोड़ती है. इससे नगवां, माधोपुर, टोनाटांड़, हलमता, ढांढवा, माेरूमदाग, साल्वे, राजवर, बायतिलैया, मनार, इचाक, लेबोडीह समेत कई गांवों के ग्रामीण इटखोरी आते हैं.
कार्यपालक अभियंता ने कहा: आरइओ के कार्यपालक अभियंता गंगा प्रसाद महतो ने कहा कि जहां तक मुझे जानकारी है. यह रोड पीडब्लूडी के अधीन चला गया है. इसका सारा काम पीडब्लूडी को करना है.

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