छात्राओं को लौटना पड़ता है भूखे
100 विद्यालयों में ही उधार के चावल से है चालू
हजारीबाग : जिले के 1521 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद हो जाने के कारण 1.70 लाख विद्यार्थी प्रभावित हैं. जिले भर में सिर्फ 100 विद्यालयों में ही उधार के चावल से किसी तरह मध्याह्न भोजन को चालू रखा गया है. खाद्यान्न की कमी के कारण इन विद्यालयों में भी एक-दो दिनों में मध्याह्न भोजन पर असर पड़ सकता है. नगर क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद है. बच्चे स्कूल आ रहे हैं, लेकिन बगैर भोजन के वापस लौटरहा हैं.
संत रोबर्ट बालिका उच्च विद्यालय
केस स्टडी : शहर के जुलू पार्क रोड स्थित संत रोबर्ट बालिका उवि में गत 26 जनवरी से मध्याह्न भोजन बंद है. यहां वर्ग एक से आठ तक की बच्चियों को मध्याह्न भोजन कराया जाता है. स्कूल में 1500 से अधिक छात्राएं प्रतिदिन मध्याह्न भोजन करती थीं. अब सभी छात्राओं को दिन में बगैर भोजन के वापस लौटना पड़ रहा है.
संत रोबर्ट विद्यालय में पेलावल मुहल्ला, इचाक प्रखंड, कोर्रा, मटवारी, छड़वा डैम, दीपूगढ़ा, आनंदपुरी, मंडई समेत कई स्थानों से छात्राएं पढ़ाई के लिए आती हैं.
पांच से दस किमी चल कर आने के बाद भी मध्याह्न भोजन नहीं मिलने के कारण उनकी समस्याएं बढ़ गयी हैं. इस स्कूल में कई बच्चियां ऐसी भी हैं, जो टिपीन लेकर नहीं आती हैं, उन्हें भूखे ही लौटना पड़ता है.
