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हजारीबाग के +2 जिला स्कूल में टीचर्स की कमी, 43 में मात्र हैं 11, स्टूडेंट्स को कैसे मिलेगी डिजिटल शिक्षा

हजारीबाग के +2 जिला स्कूल में शिक्षकों की कमी है. 9वीं से 12वीं के लिए कुल 43 शिक्षक की जरूरत है, लेकिन अभी मात्र 11 है. इससे डिजिटल शिक्षा भी प्रभावित हो रही है.

By Prabhat Khabar Digital Desk
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Jharkhand news: हजारीबाग का +2 जिला स्कूल, जहां टीचर्स की है कमी.
Jharkhand news: हजारीबाग का +2 जिला स्कूल, जहां टीचर्स की है कमी.
प्रभात खबर.

Jharkhand news: हजारीबाग के +2 जिला स्कूल, गवर्नमेंट गर्ल, चरही कस्तूरबा एवं मॉडल स्कूल बरही को उत्कृष्ट केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) बनाया गया है. इसमें कक्षा एक से बारहवीं तक सीबीएसई की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी. वर्तमान समय +2 जिला स्कूल के कक्षा 9वीं एवं 10वीं में शिक्षकों के कुल 25 पद स्वीकृत में मात्र दो शिक्षक कार्यरत है. वहीं, 11वीं एवं 12वीं में स्वीकृत 18 पद के खिलाफ 9 कार्यरत हैं. शिक्षकेतर कर्मियों की संख्या 8 है.

हजारीबाग के +2 जिला स्कूल की स्थापना 1865 में हुई है. यह कई एकड़ में फैला है. शहर के बीच स्थित है. इसकी सुंदरता देखते बनती है. बड़ा खेल ग्राउंड है. शुरुआत में प्राइमरी, फिर मध्य एवं उच्च विद्यालय स्थापना के बाद स्कूल प्लस टू बना है. वर्तमान समय अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या 1250 है. विषयवार शिक्षक नहीं है. 11वीं से 12वीं में भौतिकी एवं रसायन विषय के शिक्षक का पद लंबे समय से खाली है. सत्र 2021 में मैट्रिक एवं 12वीं का रिजल्ट 80 प्रतिशत है.

उत्कृष्ट स्कूल बनने के बाद जिला स्कूल का स्वरूप बदलेगा

उत्कृष्ट स्कूल बनने के बाद इसमें संसाधन लगेगा. स्कूल का मुख्य द्वार, प्राचार्य कक्ष, स्टाफ एवं रिकॉर्ड रूम, परीक्षा हॉल, कॉमन रूम, बहुउद्देशीय भवन, शौचालय, मेडिकल रूम और बेहतर बनेंगे. इनसीसी व स्काउट गाइड रूम सहित लैंग्वेज, कंप्यूटर, साइंस एवं गणित का लैब बनेगा. पुस्तकालय एवं स्मार्ट क्लास की सुविधा होगी. वहीं विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा मिलेगी.

जानें क्या कहते हैं प्रभारी प्राचार्य व डीएसई

इस संबंध में हजारीबाग के +2 जिला स्कूल के प्रभारी प्राचार्य डॉ विजय कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मियों की कमी एवं सीमित संसाधन के बावजूद प्रतिवर्ष मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट के सभी संकाय का रिजल्ट बेहतर है. वहीं, हजारीबाग के डीएसई एवं डीपीओ प्रभारी डीईओ मिथिलेश कुमार सिन्हा ने कहा कि उत्कृष्ट स्कूलों को संसाधन युक्त बनाया जायेगा. अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक प्रतिनियुक्त होंगे. इसका लाभ गरीब एवं निर्धन विद्यार्थियों को मिलेगा.

रिपोर्ट: आरिफ, हजारीबाग.

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