पार्टियों की अहमियत के बजाये बरकट्ठा सीट पर लोकल फैक्टर पर ही होता है हार-जीत का फैसला
सलाउद्दीन, हजारीबाग : बरकट्ठा सीट पर स्थानीय समीकरण का ही बोलबाला रहा है. भाजपा ने इस बार झाविमो से भाजपा में जानेवाले जानकी यादव को प्रत्याशी बनाया है. पिछली बार दूसरी नंबर पर रहनेवाले अमित यादव ने इसका विरोध कर दिया है. बरकट्ठा विधानसभा 1977 में बना. इससे पहले बरकट्ठा और इचाक प्रखंड बरही विधानसभा […]
पार्टियों की अहमियत के बजाये बरकट्ठा सीट पर लोकल फैक्टर पर ही होता है हार-जीत का फैसला
सलाउद्दीन, हजारीबाग : बरकट्ठा सीट पर स्थानीय समीकरण का ही बोलबाला रहा है. भाजपा ने इस बार झाविमो से भाजपा में जानेवाले जानकी यादव को प्रत्याशी बनाया है. पिछली बार दूसरी नंबर पर रहनेवाले अमित यादव ने इसका विरोध कर दिया है. बरकट्ठा विधानसभा 1977 में बना. इससे पहले बरकट्ठा और इचाक प्रखंड बरही विधानसभा का हिस्सा थे.यहां एकीकृत जनता पार्टी, जन संघ कोटे से सुखदेव नायक पहले विधायक बने. 1980 में राजा पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुईं राजमाता ललिता राजलक्ष्मी को किसान नेता भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने हराया था.
1985 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लंबोदर पाठक भुवनेश्वर प्रसाद मेहता को हरा कर विधायक बने थे. 1990 व 1995 में भाजपा से खगेंद्र प्रसाद की जीत हुई थी. 2000 में सीपीआइ से भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, 2005 में भाजपा से चितरंजन यादव जीते थे.
इनकी मृत्यु के बाद 2009 में चितरंजन के पुत्र अमित यादव भाजपा से विधायक बने. 2014 में जेवीएम से चुनाव जीत जानकी यादव बाद में भाजपा में शामिल हो गये. स्थानीय मुद्दों के मद्देनजर बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र से अबतक करीब-करीब सभी पार्टियों को समर्थन िमलता रहा है.
सड़क पुल-पुलिया बने : जानकी
जानकी यादव ने कहा कि 57 गांवों को पक्की सड़क से जोड़ा है. सात बड़ी सड़क और पुल का निर्माण कराया है. जलापूर्ति योजना शुरू हुई. छात्रावास भवन का निर्माण कराया. पॉलिटेक्निक कॉलेज बना.
स्थानीय का नियोजन नहीं : अमित
अमित यादव ने कहा कि विधायक हॉस्पिटल का निर्माण तक नहीं करा पाये. बांझेडीह पावर प्लांट में विस्थापित लोगों का नियोजन नहीं हुआ. सरमाटांड़ से जयनगर तक सड़क निर्माण लंबित है.