हजारीबाग : हजारीबाग एयरपोर्ट के लिए जल्द ही भूमि पूजन किया जायेगा. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक तैयारी करने का निर्देश दिया है.
हवाई अड्डे के विकास के लिए झारखंड सरकार और एयरपोर्ट आॅथोरिटी ऑफ इंडिया के साथ ज्वाइंट वेंचर किया गया है. हजारीबाग हवाई अड्डे का निर्माण 192 एकड़ जमीन पर आरसीएस उड़ान-3 के तहत किया जाना है. इसमें हजारीबाग से पटना और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान की सुविधा होगी.
निविदा प्रकाशित कर दी गयी है. शिलान्यास व भूमि पूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत मुख्यमंत्री रघुवर दास, वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, नगर विमानन राज्यमंत्री जयंत सिन्हा के शामिल होने की संभावना है. यह जानकारी सांसद प्रतिनिधि सिद्धार्थ जैन ने दी. इधर, जयंत सिन्हा ने कहा कि 65 वर्षों की मेहनत रंग लायी.
194 करोड़ राशि की स्वीकृति राज्य परिषद से प्राप्त हुई है. जमीन अधिग्रहण के लिए धारा-11 की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. भूमि पूजन के साथ हजारीबाग शहर भी हवाई पट्टी से जुड़ जायेगा. जयंत सिन्हा ने कहा कि अर्थव्यवस्था, रोजगार और व्यवसायी को नयी गति मिलेगी. हजारीबाग में राष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनेगा.
चुरचू और नगवां गांव की जमीन ली जायेगी
हवाई अड्डा के लिए नगवां और चुरचू गांव में जमीन चिह्नित की गयी है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्रालय और राज्य सरकार ने हजारीबाग हवाई अड्डा को क्षेत्रीय विमान संपर्कता में शामिल किया था. जयंत सिन्हा ने मंत्री पद संभालने के बाद हवाई अड्डा के विकास की योजना को प्राथमिकता में शामिल किया.
संयुक्त बिहार का महत्वपूर्ण जिला था हजारीबाग
1833 में हजारीबाग जिला की स्थापना हुई. अक्तूबर 1886 में सरकारी अधिसूचना के तहत हजारीबाग नगरपालिका की स्थापना हुई.
उस समय हजारीबाग की जनसंख्या 10 हजार से अधिक थी. 1951 में हजारीबाग का हवाई अड्डा बनाया गया था. उस वक्त नागर विमानन का सिग्नल टावर लगा था. यहां सीमेंट का स्टेज भी बना हुआ है. इसके अलावा कई एकड़ जमीन साल 2000 तक रही. पिछले 18 वर्षों से हवाई अड्डा बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी.
कोट::
हजारीबाग हवाई अड्डा के लिए स्थल निरीक्षण के बाद जो प्रस्तावित जमीन की स्वीकृति दी गयी थी, उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया कर ली गयी है.
रविशंकर शुक्ला, डीसी, हजारीबाग
