बुनकर महिलाओं के उत्पादों को जिला स्तरीय कार्यक्रम, कार्यालयों के उपयोग में भी लाया जायेगा.
हजारीबाग : जिले के लघु उद्यमियों को बढ़ावा देने की पहल जिला प्रशासन ने की है. प्रशासन की ओर स्वरोजगार के लिए स्वयंसेवी संस्थानों व स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न उत्पादों का प्रशिक्षण दिया गया. उन्हें बाजार उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हाट में कियोस्क उपलब्ध कराने सहित ऑनलाइन मार्केटिंग साइट अमेजॉन से भी जोड़ा जा रहा है. डीसी रविशंकर शुक्ला ने बुधवार को चुरचू प्रखंड स्थित बहेरा पंचायत के कजरी गांव की संताल जनजाति की महिलाओं के उत्पाद कजरी कॉटन की लांचिंग की.
यह उत्पाद अब बाजार में कजरी कॉटन के नाम उपलब्ध होगा. कजरी गांव में मार्शल बुनकर सहयोग समिति के माध्यम से लगभग 20 संताल जनजाति की महिलाएं सूत के धागा से निर्मित आकर्षक साड़ी, गमछा, तौलिया, थान, चादर, विभिन्न परिधान का निर्माण कर रही हैं. बुनकर महिलाओं के उत्पादों को जिला स्तरीय कार्यक्रमों, कार्यालयों के उपयोग में भी लाया जायेगा. डीसी ने कहा कि जनजातीय महिलाओं के व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की विशेष केंद्रीय अनुदान योजना (एससीए) से जोड़ा जा रहा है.
