कुलदीप, गुड्डू व बादल की हत्या के बाद दशरथ बना था सुप्रीमो

हजारीबाग : जेपीसी सुप्रीमो दशरथ यादव की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है. एसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर जिले के आला पुलिस अधिकारी बारी-बारी से उससे पूछताछ कर रहे हैं. दशरथ यादव से जेपीसी संगठन की पूरी जानकारी ली जा रही है. वहीं लेवी वसूली का ब्योरा लिया जा रहा है. इसके अलावा […]

हजारीबाग : जेपीसी सुप्रीमो दशरथ यादव की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी सफलता है. एसपी अनीश गुप्ता के निर्देश पर जिले के आला पुलिस अधिकारी बारी-बारी से उससे पूछताछ कर रहे हैं. दशरथ यादव से जेपीसी संगठन की पूरी जानकारी ली जा रही है. वहीं लेवी वसूली का ब्योरा लिया जा रहा है. इसके अलावा संगठन से जुड़े लोगों की संपत्ति का भी आकलन किया जा रहा है. पुलिस कटकमसांडी, कटकमदाग, चुरचू, बडकागांव, केरेडारी, सिमरिया और टंडवा थाना क्षेत्र में जेपीसी संगठन के सभी आपराधिक रिकॉर्ड पर भी पूछताछ कर रही है. दशरथ यादव की निशानदेही पर कई सामानों को जब्त किया गया है.

संगठन के पास एके-56 हथियार: जेपीसी संगठन व दशरथ यादव दस्ता के तीन सदस्यों को पुलिस ने आठ मार्च-2018 को बेंदी जंगल से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार लोगों में छोटी यादव उर्फ संदीप यादव व संजय यादव, चौपे भैंपुर सिमरिया (चतरा) के रहनेवाले थे. ललन यादव सुल्ताना गांव का रहनेवाला था. पुलिस ने इनके पास से एके-56 राइफल, दो पिस्टल, मैगजीन, आठ मोबाइल सेठ बरामद किया था. एके-56 मिलने के बाद से दशरथ यादव का खौफ क्षेत्र में और बढ़ गया.
पुलिस भी एके-56 व जब्त हथियारों को देख हैरत में पड़ गयी थी.
विकास योजनाओं से लेवी वसूली: जेपीसी संगठन के सुप्रीमो बनने के बाद दशरथ यादव का दस्ता सभी सरकारी विकास योजनाओं से भारी रकम लेवी के रूप में वसूलने लगा था. कई केंद्रीय व राज्य की योजनाओं पर उसका दबदबा था.
पुलिस को थी काफी दिनों से तलाश: हजारीबाग समेत चतरा व सिमलिया पुलिस को दशरथ यादव की तलाश काफी दिनों से थी. पुलिस संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही थी.
दिवाली के दिन की थी रूपेश की हत्या
जेपीसी संगठन के हार्डकोर कुलदीप गंझू समेत गुड्डू और बादल के मारे जाने के बाद दशरथ यादव संगठन का सुप्रीमो बना था. उसके बाद उसने पूरे क्षेत्र में दहशत कायम किया. बताया जाता है कि 30 अक्तूबर-2016 को दीपावली की रात कुसुंभा गांव में लोग जुआ खेल रहे थे. दशरथ यादव हथियार संगठन के सदस्यों के साथ हथियार लेकर वहां पहुंचा था. उसके बाद डेगन तुरी और रूपेश यादव की हत्या कर दी गयी थी. कटकमदाग थाना में कांड संख्या 136-16 के तहत रूपेश के पिता हरिनाथ के बयान पर हत्या का मामला दर्ज हुआ था. वहीं लेवी वसूलने के आरोप में सुल्ताना चौक पर दशरथ यादव के भाई मुन्ना यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. दशरथ यादव के आतंक से कुसुंभा गांव के कई लोग शहर की ओर पलायन कर गये हैं.
पुलिस संगठन के अन्य सदस्यों के संबंध में दशरथ यादव से कर रही है पूछताछ
कई ठिकानों पर हो रही है छापामारी

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