पुलिस जुल्म के खिलाफ अधिवक्ताअों का प्रदर्शन

हजारीबाग : पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल भले ही पानी की समस्याओं को लेकर आनेवाली शिकायतों पर 24 घंटे के अंदर निबटारा का दावा करता हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. विभाग की ओर से दूरभाष और टॉल फ्री नंबर जारी किया गया है. प्रत्येक दिन इन नंबरों पर काफी संख्या में जिला भर से […]

हजारीबाग : पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल भले ही पानी की समस्याओं को लेकर आनेवाली शिकायतों पर 24 घंटे के अंदर निबटारा का दावा करता हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. विभाग की ओर से दूरभाष और टॉल फ्री नंबर जारी किया गया है. प्रत्येक दिन इन नंबरों पर काफी संख्या में जिला भर से खराब चापानल समेत अन्य समस्याओं को लेकर शिकायतें दर्ज करायी जाती है, लेकिन 24 घंटे के अंदर विभाग की ओर से एक भी चापानल को ठीक नहीं किया गया.
प्रभात खबर ने चापानल से संबंधित शिकायतों पर होनेवाली कार्रवाई और पदाधिकारी की गंभीरता की पड़ताल की. हमारे प्रतिनिधि ने 16 अप्रैल से दो मई तक की शिकायतों की जांच की. इनमें आंगनबाड़ी के खराब चापानल, स्कूलों के बंद पड़े चापानल एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगे चापानलों की शिकायतें सामने आयी. हालांकि विभाग की ओर से गर्मी को देखते हुए मरम्मती कार्य में तेजी लाने के लिए कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की छुट्टी रद्द कर दी है. बावजूद लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही है.
केस एक : ओरिया आंगनबाड़ी केंद्र के पास रहनेवाली उषा रानी ने पीएचइडी विभाग से खराब चापानल रहने की सूचना 15-20 दिन पहले दी थी. इस चापानल से केंद्र के बच्चों के अलावा स्थानीय लोग पानी पीते थे, लेकिन शिकायत के बाद भी आज तक खराब चापानल को ठीक नहीं किया गया है.
केस दो: मंडई के कसियाडीह राजकीय मवि का चापानल पिछले डेढ़ माह से खराब है. गांव के कन्हैया साव ने पीएचइडी में 15 दिन पहले शिकायत की थी. विद्यालय में 300 बच्चे पढते हैं. यहां दोनों खराब है. मध्याह्न भोजन के दौरान बच्चों व रसोइया को पानी की किल्लत के कारण परेशानी होती है.
केस तीन: दारू प्रखंड के मवि बडवार इरगा में चापानल खराब है. इसकी शिकायत पीएचइडी विभाग की गयी है. विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज कुमार ने बताया कि विद्यालय में 181 बच्चे हैं. चापानल का पानी पीने योग्य नहीं है. इसकी शिकायत विभाग से की गयी, लेकिन अब तक गंभीरता नहीं बरती गयी.
केस चार: चुटियारो में पांच चापानल है, लेकिन सभी खराब है. महावीर स्थान, रूपन महतो के घर के पास जामुन टोला, मंडप के पास और रंजीत साव के घर के पास के पास यह चापानल है. लोग गर्मी के दिनों में आधा किमी दूर से पानी लाते हैं. इन चापानलों को ठीक करने के प्रति भी विभाग गंभीर नहीं है. लोग पानी के लिए अभी से दर-दर भटकने लगे हैं. परेशानी शुरू हो गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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