हजारीबाग : सीआरपीएफ 22 बटालियन ने सोमवार को शौर्य दिवस मनाया. वाहिनी के कमांडेंट विष्णु गौतम ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. हजारीबाग शहर के हुरुहुरु चौक स्थित शहीद सौरभ एस बारला की तस्वीर पर शहीद की माता की उपस्थिति में माल्यार्पण कर सलामी दी. इसके बाद शहीद की माता जी को उपहार प्रदान किया गया. उन्होंने सन् 1965 के भारत-पाक युद्ध में सीआरपीएफ जवानों द्वारा पराक्रम की मिसाल पेश की गयी.
हमारे जवानों ने दुश्मन के दांत खट्टे कर दिये. कई पाकिस्तानी फौजियों को जिंदा पकड़ने में जवान कामयाब रहे थे. इस कार्यवाही में सीआरपीएफ आठ जवान शहीद हो गये. 19 पाकिस्तानी सेना द्वारा बंधक बनाये गये थे. वाहिनी के जवानों ने अपने पराक्रम से पाकिस्तानी इंफेंट्री ब्रिगेड को 12 घंटे तक रोके रखा. सैनिक लड़ाई के इतिहास में यह एक अद्वितीय मिसाल है. अर्द्धसैनिक बल की एक छोटी सी टुकड़ी के जवानों ने मौके पर बटालियन में वीरता पदक प्राप्त वीरों को कमांडेंट 22 बटालियन ने उपहार देकर सम्मानित किया. मानव अधिकार व सीआरपीएफ के ऊपर वाद-विवाद प्रतियोगिता का अायोजन हुआ. इसमें स्थानीय प्रशासन के लोगों ने भाग लिया. छोटे बच्चों ने पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया गया. अंत में बटालियन द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया.
