हजारीबाग : झील स्थित जल संसाधन विभाग में एक वर्ष से अधीक्षण अभियंता नहीं है. अधीक्षण अभियंता के नहीं रहने से योजनाओं का निरीक्षण समय पर नहीं हो रहा है. 31 जनवरी को मुख्य अभियंता रामचंद्र रजक भी सेवानिवृत्त हो गये. उनके स्थान पर अब-तक किसी पदाधिकारी की पोस्टिंग नहीं हुई है.
ज्ञात हो कि जल संसाधन विभाग से चतरा, कोडरमा व हजारीबाग जिले में दर्जनों छोटे-बड़े चेकडैम, नहर व तालाब बना कर किसानों को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है. पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने जल संसाधन को 35 करोड़ रुपये दिये है. अबतक 10 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके है. इसके बावजूद किसान के खेतों में पटवन के लिए पानी समय पर नहीं मिल रहा है. साथ ही योजनाएं भी समय पर पूरी नहीं हो रही है.
लघु सिंचाई में भी एसी नहीं
लघु सिंचाई विभाग में दो वर्ष से अधीक्षण अभियंता नहीं है. सरकार ने पलामू के एस कुजूर को प्रभारी अधीक्षण अभियंता बनाया है. एस कुजूर एक बार भी हजारीबाग नहीं आये है. आरोप है कि योजनाओं का निरीक्षण स्थल पर न जाकर रांची में बैठे-बैठे कर रहे है. कार्यालय कर्मियों से रांची व पलामू में फाइल मंगा कर साइन करते है.
इसके लिए रांची व पलामू आने-जाने का भाड़ा संवेदकों से वसूला जा रहा है. इस संबंध में पूछे जाने पर एस कुजूर ने कहा कि रांची पलामू के अलावा कई और विभागों का प्रभार सरकार ने दे रखा है. समय नहीं मिलने से हर जगह उपलब्ध होना मुश्किल हो गया है.
