प्रतिनिधि, गुमला गुमला जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है. पीड़ित रंजीत कुमार यादव, जो मूल रूप से बोकारो जिला के गोमिया थाना क्षेत्र का निवासी है और वर्तमान में गुमला के पालकोट रोड स्थित यामाहा शोरूम के सामने रहकर कार्य करता है, ठगों के जाल में फंस गया. रंजीत ने बताया कि उसका बैंक खाता बैंक ऑफ इंडिया में है. पांच जनवरी 2026 को उसके मोबाइल के टेलीग्राम ऐप पर एक लिंक आया, जिसमें पैसे दोगुना करने का लालच दिया गया. शुरुआत में उसने संदेह जताया, लेकिन ठगों ने भरोसा दिलाया कि कोई धोखाधड़ी नहीं होगी. इसके बाद रंजीत ने अलग-अलग बार कोड और खातों में किस्तों में पैसे भेजना शुरू किया. पहले चरण में उसने 1,28,500 रुपये ट्रांसफर किये. बाद में ठगों ने कहा कि यदि वह अपनी राशि वापस पाना चाहता है तो उसे 2,06,000 रुपये और जमा करने होंगे. अपनी रकम वापस पाने की उम्मीद में उसने खुद और रिश्तेदारों से पैसे जुटाकर कुल 3,33,398 रुपये विभिन्न बैंक खातों में 13 बार में ट्रांसफर कर दिये. इसमें इंडियन बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, जियो पेमेंट बैंक और आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक शामिल हैं. जैसे ही पूरी राशि भेज दी गयी, ठगों ने उसे टेलीग्राम पर ब्लॉक कर दिया. ठगी का एहसास होने पर रंजीत ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी और तीन अलग-अलग एक्नॉलेजमेंट नंबर प्राप्त किए. इसके बाद गुमला थाना में भी मामला दर्ज कराया गया. रंजीत ने प्रशासन से गुहार लगायी है कि जल्द से जल्द आरोपियों की पहचान कर उसके पैसे वापस दिलाया जाये. उसने बताया कि वह एक साधारण परिवार से आता है और इतनी बड़ी राशि उसके लिए जीवनभर की कमाई के बराबर है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर ठगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं.
ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ युवक, तीन लाख से अधिक की रकम गंवायी
गुमला जिले में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है.
