गुमला. लातेहार जिले के महुआडांड़ स्थित ओरसा घाटी में बस पलटने से हुए हादसे के बाद घायल 10 लोगों को गुमला सदर अस्पताल लाया गया है. इसमें से दो लोगों की रविवार की रात को मौत हो गयी थी. परंतु रविवार को मृतकों की पहचान नहीं हो सकी थी. सोमवार को घटना की सूचना पर परिजन गुमला सदर अस्पताल आये, तो परिजन जयचंद नायक ने दोनों मृतकों की पहचान की. मृतकों में नंदलाल नायक (65 वर्ष), पिता- स्व दशरथ नायक, ग्राम-पोस्ट- टांगर महरी, बलरामपुर, छत्तीसगढ़ और रमेश राम (42 वर्ष), पिता- करीमन राम, ग्राम- तुरापारा, पोस्ट- पीपरसोत बलरामपुर छत्तीसगढ़ है. शव की पहचान होने के बाद सदर अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमार्टम हुआ. इसके बाद पुलिस ने दोनों शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया. इधर अस्पताल में अभी भी आठ लोगों का इलाज चल रहा है.
चार दिनों से अस्पताल में पड़ा है शव, नहीं हुई पहचान
इधर, भरनो प्रखंड के डाड़हा गांव में 15 जनवरी को हुए हादसे में पांच लोगों की मौत हो गयी थी. इसमें एक मृतक की पहचान अबतक नहीं हुई है. चार दिनों से अज्ञात मृतक का शव गुमला सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखा हुआ है. ऐसे भरनो पुलिस मृतक की पहचान करने के लिए कई थाना की पुलिस से संपर्क की. साथ ही हादसे के वक्त मृतक की ली गयी फोटो भी सोशल मीडिया में वायरल किया गया. लेकिन किसी ने शव की पहचान नहीं की है. इधर पुलिस के अनुसार अगर शव की पहचान नहीं होगी, तो अज्ञात मानते हुए शव का दफन किया जायेगा. बता दें कि 15 जनवरी को हुए हादसे में चार मृतकों की पहचान हो चुकी थी और घटना के दिन ही परिजन शवों को ले गये थे. परंतु एक शव की पहचान नहीं हो पायी. बताया जा रहा है कि तिलकुट बिक्री करने वाले मालिक के यहां उक्त मृतक काम करता था. ऐसे में मालिक की मौत होने से उक्त कारीगर की पहचान नहीं हो पा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
