इंपैक्ट : गुमला विधायक ने सरकार के पास रखी बात, चिटफंड कंपनियों पर कार्रवाई करने व पैसा वापस दिलाने की मांग

गुमला जिले के 35 हजार से अधिक लोगों का चिटफंड कपंनियों द्वारा करोड़ों रुपये की ठगी का मामला प्रभात खबर ने प्रमुखत से उठाया. इसके तहत विधानसभा के मानसून सत्र में शून्यकाल के दौरान विधायक भूषण तिर्की ने सरकार के समक्ष इस मामले को रखते हुए पैसा वापस दिलाने की मांग की.

गुमला, जगरनाथ पासवान : चिटफंड कंपनियों द्वारा किये गये करोड़ों रुपये की ठगी का मामला गुरुवार को विधानसभा सत्र के शून्य काल के दौरान विधायक भूषण तिर्की ने रखा है. गुमला जिले के 35 हजार से अधिक लोगों का चिटफंड कपंनियों ने करोड़ों रुपये की ठगी की है. प्रभात खबर ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था. विधायक के पास भी चिटफंड कंपनियों की शिकायत पहुंची है. विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले को सरकार के समक्ष रखा है.

आदिवासी-मूलवासी से ठगे पैसे वापस कराने की मांग

विधायक भूषण तिर्की ने सरकार से कहा है कि लगभग 30 चिटफंड कंपनियां गुमला जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में आदिवासी-मूलवासी भोली-भाली जनता को गुमराह करके पैसों को दोगुना व तिगुना करने का प्रलोभन देकर ठगी किये हें. भोली-भाली गरीब जनता उन चिटफंड कंपनियों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई को कंपनी में जमा किये. ये वर्ष 2008-09 व 2014 की बात है. जिले भर के गरीब जनता आस में बैठी हुई है कि चिटफंड कंपनी उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा कब वापस देगी. क्षेत्र की जनता व आम लोगों से जानकारी मिली है कि गुमला जिला से करोड़ों अरबों रुपया चिटफंड कंपनियों द्वारा उगाही कर ली गयी है. इस निमित मैं सरकार से मांग करता हूं कि गुमला जिला के आदिवासी-मूलवासी के ठगे गये पैसे चिटफंड कंपनियों से सरकार वापस करने की दिशा में अविलंब कार्रवाई करें.

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35 हजार लोग ठगी के शिकार हुए

गुमला जिला में ठगों का जाल बिछा हुआ है. जाल भी ऐसा बिछा हुआ है कि ठग चिटफंड कंपनियों के नाम से आमजनों का करोड़ों रुपये ठग कर ले गये. जब तक आमजनों को यह पता चलता कि वे ठगे जा रहे हैं. तब तक काफी देर हो चुकी थी. अब ठगी का शिकार लोग सरकार से न्याय की आस लगाये हैं. इधर, रोजाना कोई न कोई ठगी का शिकार पीड़ित समाहरणालय पहुंचकर कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर रहा है. ताकि उसके आवेदन पर सुनवाई हो और जिस चिटफंड कंपनी ने उसकी मेहनत की कमाई को ठगने का काम किया है. उससे उसका पैसा वापस मिल सके. अब तक जिले भर से लगभग 35 हजार लोग अपने नाम, पता, राशि और ठगी करने वाली कंपनी के नाम के साथ आवेदन जमा कर चुके हैं. जिसमें ठगी करने वाली दर्जनों कंपनियों के नाम सामने आये हैं.

इन कंपनियों पर लगाया ठगी का आरोप

ठगी का शिकार लोगों ने पेट्रोन मिनरल्स एंड मेटल्स लिमिटेड बेड़ो ब्रांच, मिलानी टेक्नो इंजिनियरिंग लिमिटेड, हुमैरा इंडिया क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, सहाय यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी लिमिटेड, विश्वमित्र प्रोड्युसर कंपनी लिमिटेड, जियो साइन माइंस मेटल्स लिमिटेड लखनऊ, विकास म्युचुअल बेनेफिट निधि लिमिटेड रांची, बासिल इंटरनेशनल लिमिटेड ब्रांच शकुंतला भवन गुमला, वारिस टेलीकॉम सर्विस लिमिटेड कोलकाता, नेक्सील फार्मा सिलिक्लस एसपेसलिस लिमिटेड, साई प्रकाश प्रॉपर्टी डेवलपमेंट लिमिटेड, रॉयल लाइफ कंपनी समेत अन्य कंपनियों द्वारा ठगी करने की शिकायत कर पैसा वापस दिलाने की गुहार लगायी है.

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क्या है मामला

गुमला जिला में ठगों का जाल बिछा हुआ है. जाल भी ऐसा बिछा हुआ है कि ठग चिटफंड कंपनियों के नाम से आमजनों का करोड़ों रुपये ठग कर ले गये. जब तक आमजनों को यह पता चलता कि वे ठगे जा रहे हैं. तब तक काफी देर हो चुकी थी. अब ठगी का शिकार लोग जिला प्रशासन से न्याय की आस लगाये हैं. रोजाना कोई न कोई ठगी का शिकार पीड़ित समाहरणालय पहुंचकर कार्यालय में अपना आवेदन जमा कर रहा है, ताकि उसके आवेदन पर सुनवाई हो और जिस चिटफंड कंपनी ने उसकी मेहनत की कमाई को ठगने का काम किया है. उससे उसका पैसा वापस मिल सके. अब तक जिले भर से लगभग 35 से 40 हजार लोग अपने नाम, पता, राशि और ठगी करने वाली कंपनी के नाम के साथ आवेदन जमा कर चुके हैं. जिसमें ठगी करने वाली दर्जनों कंपनियों के नाम सामने आये हैं.

हजार से लेकर दो लाख रुपये तक जमा किया

बताया गया कि कंपनियों में किसी ने तीन-चार हजार रुपये, किसी ने 10 से 20 हजार तो किसी ने दो लाख रुपये तक जमा किया है. चूंकि अब तक ठगी के शिकार लगभग 35 से 40 हजार पीड़ितों ने आवेदन जमा किया है. परंतु अभी तक सभी लोगों से कुल कितना पैसा जमा किया है? इसका हिसाब नहीं हो सका है. फिलहाल ठगी का शिकार लोगों से आवेदन लेने की प्रक्रिया जारी है.

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आवेदनों पर चली कार्रवाई की प्रक्रिया

चिटफंड कंपनियों द्वारा आमजनों से ठगी के मामलों को एनडीसी गुमला सिद्धार्थ शंकर चौधरी देख रहे हैं. वे कहते हैं कि यहां कई चिटफंड कंपनियां हैं. जिन्होंने आमजनों को ठगने का काम किया है. उपायुक्त के निर्देशन पर ठगी का शिकार लोगों से आवेदन प्राप्त किया जा रहा है. लगभग 35-40 हजार लोगों से आवेदन प्राप्त किया गया है. अभी और भी पीड़ित आवेदन देने पहुंच ही रहे हैं. इसके साथ ही आवेदन पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी चली.

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लेखक के बारे में

By Samir Ranjan

Senior Journalist with more than 20 years of reporting and desk work experience in print, tv and digital media

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