प्रतिनिधि, गुमला बसिया प्रखंड का कोनबीर ग्राम पंचायत सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरा है. जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से यह पंचायत उत्तर भारत की पहली पूर्णतः बीमित पंचायत घोषित हुई. इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में जिला समाहरणालय परिसर में आयोजित समारोह में डीडीसी दिलेश्वर महतो (आईएएस) ने पंचायत की मुखिया अमृता देवी को प्रमाण पत्र प्रदान किया. उन्होंने इसे सामूहिक प्रयास और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताया. यह पहल सुनहरी शुभोदय अभियान के अंतर्गत संचालित हुई, जो सुरक्षा चक्र मिशन का हिस्सा है. अभियान की विशेषता रही कि शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और शिक्षक घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित करते रहे. मोंटफोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल नवाटोली के विद्यार्थियों ने प्राचार्य ब्रदर बेनोय एम के नेतृत्व में सक्रिय भूमिका निभायी. वहीं क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने तकनीकी व शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया. नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी पुणे के प्रतिनिधियों ने बीमा जागरूकता फैलाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में योगदान दिया. अभियान में आशा कार्यकर्ता, जेएसएलपीएस सदस्य, बैंकिंग प्रतिनिधि और पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया व स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने में सहयोग किया. बसिया एसडीओ जयवंती देवगम और बीडीओ सुप्रिया भगत के मार्गदर्शन में सर्वेक्षण, जागरूकता और नामांकन की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से संचालित हुई. सर्वेक्षण में पाया गया कि कई ग्रामीणों के बैंक खाते होने के बावजूद केवाईसी अधूरी थी. अभियान के दौरान न केवल प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत लाभुकों को जोड़ा गया, बल्कि केवाईसी अद्यतन भी कराया गया. लगातार प्रयासों से पंचायत में 95.39 प्रतिशत बीमा कवरेज सुनिश्चित हुआ, जिससे कोनबीर ग्राम पंचायत को पूर्णतः बीमित पंचायत का दर्जा मिला.
बसिया का कोनबीर सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में बना मिसाल, कोनबीर को मिला बीमित पंचायत का दर्जा
बसिया प्रखंड का कोनबीर ग्राम पंचायत सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरा है.
