गुमला : छात्राएं कर रही साइकिल का इंतजार, साल 2017 से लैंपस में सड़ रही लड़कियों की उड़ान!

राज्य सरकार की मुफ्त साइकिल योजना के तहत गरीब छात्र छात्राओं के बीच वितरण होने वाली हजारों साइकिल लैंपस गोदाम सिसई में रखे रखे सड़कर बर्बाद हो गया है. समय रहते इस साइकिल को गरीब छात्र-छात्राओं के बीच वितरण कर दिया गया होता तो उन्हें दूर दराज से स्कूल आकर शिक्षा ग्रहण करने में काफी सुविधा मिलती.

गुमला : राज्य सरकार की मुफ्त साइकिल योजना के तहत गरीब छात्र छात्राओं के बीच वितरण होने वाली हजारों साइकिल लैंपस गोदाम सिसई में रखे रखे सड़कर बर्बाद हो गया है. समय रहते इस साइकिल को गरीब छात्र-छात्राओं के बीच वितरण कर दिया गया होता तो उन्हें दूर दराज से स्कूल आकर शिक्षा ग्रहण करने में काफी सुविधा मिलती. वहीं राज्य सरकार का लाखों रुपया बर्बाद होने से बच जाता. साथ ही साइकिल का सदुपयोग भी हो जाता.

लैंपस गोदाम में कराया गया था साइकिल की फिटिंग

जानकारी के अनुसार कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2017-18 में साइकिल की फिटिंग प्रखंड के एफसीआइ गोदाम और लैंपस गोदाम में कराया गया था. इन साइकिलों को आठवीं कक्षा के स्कूली बच्चों के बीच वितरण करना था. किंतु वितरण क्यों नहीं हो पाया. इसका वर्तमान के किसी भी अधिकारी के पास कोई जानकारी नहीं है. ज्ञात हो कि झारखंड सरकार आठवीं कक्षा के गरीब एसटी, एससी, ओबीसी व अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को मुफ्त में साइकिल देती आ रही है. जिससे विद्यार्थियों को स्कूल आने जाने में कोई परेशानियों का सामना ना करना पड़े.

2020 से छात्राओं को साइकिल नहीं दिया जा रहा है

किंतु 2020 से कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस योजना से स्कूली छात्राओं को साइकिल नहीं दिया जा रहा है. जिससे प्रखंड के 35 सौ से अधिक विद्यार्थी साइकिल से वंचित हो गये हैं. जिन विद्यार्थियों को आठवीं में साइकिल मिलनी थी. वे बिना साइकिल के ही नौंवी व दसवीं में चले गये. तो कई विद्यार्थी दसवीं पास कर स्कूल छोड़कर कॉलेज चले गये. वहीं, सातवीं के विद्यार्थी आठवीं पहुंचकर साइकिल के हकदार हो गये हैं. अब उन्हें साइकिल का इंतजार है. ऐसी परिस्थिति में हजारों साइकिल गोदाम में रखे रखे सड़ जाना प्रशासनिक उदासीनता को दिखाने के लिए पर्याप्त है.

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बीडीओ की सुनिये

इस संबंध में बीडीओ सुनीला खलखो ने कहा कि मेरे आने से पहले की साइकिल है. साइकिल से संबंधित कार्यालय में कोई कागजात नहीं है. मैंने जिला कल्याण विभाग से पत्राचार कर इसकी जानकारी मांगते हुए स्कूली बच्चों के बीच साइकिल को वितरण करने की अनुमति मांगी थी. अनुमति नहीं मिलने के कारण वितरण नहीं कर पायी हूं.

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