हौसले के आगे हारा 'सिस्टम', गुमला में ग्रामीणों ने खुद बनाई 1 किलोमीटर लंबी सड़क

Gumla News: गुमला जिले के जारी प्रखंड स्थित लाहटोली गांव के ग्रामीणों ने शनिवार को स्वयं श्रमदान कर एक किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क की मरम्मत की. जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उपेक्षा से नाराज ग्रामीणों ने कुदाल-फावड़े के साथ सामूहिक रूप से कार्य किया. ग्रामीणों ने आगामी चुनाव में वोट बहिष्कार और उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए जल्द सड़क व पुल निर्माण की मांग की है.

गुमला, (जयकरण महतो): “सरकार और सिस्टम सो गया है, इसलिए हमें जागना पड़ा” इसी संकल्प के साथ गुमला जिले के जारी प्रखंड अंतर्गत सिकरी पंचायत के लाहटोली गांव में शनिवार को एक नई इबारत लिखी गई. वर्षों से जर्जर और कीचड़मय सड़क की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने किसी सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय स्वयं श्रमदान के माध्यम से लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क को चलने योग्य बना दिया.

जनप्रतिनिधियों की बेरुखी पर फूटा ग्रामीणों का आक्रोश

श्रमदान में जुटे अब्राहम एक्का, सुनील टोप्पो और बसील कुजूर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय मुखिया से लेकर विधायक तक कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला. ग्रामीणों ने तीखे शब्दों में कहा कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन जीत के बाद वे गांव की सुध लेना भी भूल जाते हैं. इसी उपेक्षा के कारण गांव की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब वे किसी के भरोसे नहीं रहेंगे.

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10 हजार की आबादी और स्कूली बच्चों का भविष्य संकट में

इस महत्वपूर्ण सड़क से लाहटोली, रिंगनीटोली, पाकरटोली, खूंटीटोली, आंवराटोली, बिरकेरा और चिरोडीह जैसे दर्जनों गांवों की लगभग दस हजार की आबादी जुड़ी हुई है. इसी मार्ग से होकर स्कूली बच्चे जारी, भिखमपुर और चैनपुर तक पढ़ाई के लिए साइकिल से जाते हैं. ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना दूभर हो जाता है. इसके अलावा, रास्ते में पड़ने वाली एक छोटी नदी पर पुल न होने से बारिश के दिनों में प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता है.

वोट बहिष्कार और आंदोलन की दी चेतावनी

हाथों में कुदाल और फावड़े लेकर सड़क सुधारने निकले सैकड़ों महिला-पुरुषों ने प्रशासन को सख्त अल्टीमेटम दिया है. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही सड़क और पुल का विधिवत निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को विवश होंगे. साथ ही, उन्होंने आगामी चुनावों में ‘वोट बहिष्कार’ करने का सामूहिक निर्णय लिया है.

इन ग्रामीणों ने दिया श्रमदान

इस गौरवपूर्ण कार्य में नोवेल लकड़ा, एब्रेतियुस मिंज, फाबियानुस टोप्पो, प्रतिमा लकड़ा, जयमनी मिंज, एमेल्दा खेस, आशा मिंज सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई. ग्रामीणों का यह सामूहिक प्रयास जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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