चिरैयां गांव में पेयजल की किल्लत, मुखिया से जलमिनार बनवाने की मांग की गयी थी, लेकिन अब तक नहीं हुई कार्रवाई

गांव की अनिता तिग्गा, राधा देवी, बेनेदिकता बेक, जिरमैत बड़ाइकिन ने बताया कि गांव में अभी सबसे बड़ी समस्या पानी की है. गांव में 65 घर है. जिसकी आबादी 250 है. ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के लिए तीन वर्ष पूर्व में एक मुखिया के घर सामने व दूसरा नीचे बस्ती में सोलर जलमीनार लगायी गयी थी.

डुमरी : करनी पंचायत में चिरैयां गांव के ग्रामीण पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं. गांव में स्वच्छ पेयजल के लिए दो सोलर जलमीनार लगी है, जो खराब है. जबकि गांव के छह चापानल में पांच चापानल खराब है. ग्रामीणों ने मुखिया से पेयजल की समस्या को देखते हुए जलमीनार को बनवाने की मांग की थी. लेकिन मुखिया द्वारा कोई पहल नहीं की गयी.

गांव की अनिता तिग्गा, राधा देवी, बेनेदिकता बेक, जिरमैत बड़ाइकिन ने बताया कि गांव में अभी सबसे बड़ी समस्या पानी की है. गांव में 65 घर है. जिसकी आबादी 250 है. ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल के लिए तीन वर्ष पूर्व में एक मुखिया के घर सामने व दूसरा नीचे बस्ती में सोलर जलमीनार लगायी गयी थी.

दोनों जलमीनार से पूरे गांव के लोग पानी पीते हैं. मगर एक जलमीनार तीन माह पूर्व में खराब होने व दूसरा जलमीनार दूर होने से ऊपर व बीच बस्ती के लगभग 45 घर के लोगों को पानी के लिए एक ही चापानल पर निर्भर है. जहां चापानल है. वहां जलजमाव है. मच्छर व गंदगी से ग्रामीण परेशान हैं.

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