गुमला में 2 किसान समेत 4 लोगों ने की आत्महत्या, 3 के शव फंदे से झूलते मिले

Suicide in Gumla: झारखंड के गुमला जिले में 24 घंटे के भीतर 4 लोगों ने आत्महत्या कर ली. आत्महत्या करने वालों में 2 किसान, एक छात्र और एक बेरोजगार युवक है. इनमें से 3 लोगों ने फांसी लगाकर जान दी, तो एक ने सल्फास खाकर. आत्महत्या की ये घटनाएं डुमरी, घाघरा, रायडीह और भरनो प्रखंड में हुई है. इनमें से एक की जेब से सुसाइडल नोट मिला है, जिसमें उसने आत्महत्या की वजह बतायी है.

Suicide in Gumla| गुमला, दुर्जय पासवान : गुमला जिले में 24 घंटे के अंदर 2 किसान समेत 4 लोगों ने आत्महत्या कर ली है. 2 किसानों ने बीमारी से तंग आकर जान दे दी. दूसरी तरफ, एक युवक लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहा था. नौकरी नहीं मिलने से निराश युवक ने आत्महत्या कर ली. वहीं, एक स्कूली छात्र ने भी अपनी जान दे दी है. पुलिस ने सभी 4 शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया.

डुमरी में बीमारी से तंग आकर किसान ने की आत्महत्या

गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के बेरी गांव निवासी किसान वीरेंद्र सिंह (45) ने कीटनाशक खाकर आत्महत्या कर ली. घटना की जानकारी मिलने के बाद एसआइ मनोज कुमार ने दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया.

2024 में किसान दुर्घटना में हुआ था घायल

मृतक की पत्नी विलोचना देवी ने बताया कि उसके पति का एक्सीडेंट अगस्त 2024 में हुआ था. इसमें उसका दाहिना पैर टूट गया था. इलाज के क्रम में पैर में स्टील प्लेट लगाया गया था. पैर में सूजन और दर्द से वह परेशान रहता था. 11 अप्रैल को कोर्ट में तारीख थी. कोर्ट जाने के लिए घर से निकला, लेकिन रात 10 बजे तक घर नहीं लौटा. पत्नी ने वकील से फोन पर बात की, तो उसने बताया कि वीरेंद्र सिंह कोर्ट पहुंचा ही नहीं.

बेरी पेट्रोल पंप के पास मृत मिला रवींद्र

वकील ने विलोचना देवी को थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराने की सलाह दी. विलोचना ने थाने को फोन पर इसकी सूचना दी. 12 अप्रैल को सुबह जानकारी मिली कि उसका पति बेरी पेट्रोल पंप के दक्षिण की ओर बेसुध पड़ा है. वह गारंज झुमरा स्थल पहुंची. वहां देखा कि रवींद्र मृत अवस्था में फुटकल पेड़ के नीचे पड़ा है. शव के पास सल्फास की खाली पुड़िया पड़ी थी. शरीर काला पड़ गया था.

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मृतक की जेब से मिला सुसाइडल नोट – पुलिस

एसआइ मनोज कुमार ने बताया कि मृतक की जेब से एक पर्ची मिली है. इसमें मृतक ने सुसाइडल नोट लिखा है. इसमें लिखा है, ‘मेरा घर परिवार से किसी प्रकार की लड़ाई नहीं हुई है. मैं अपने पैर के खराब होने, दर्द और सूजन से परेशान हूं. इसलिए अपनी जान दे रहा हूं.’

घाघरा : बीमारी से परेशान बुजुर्ग ने दे दी जान

घाघरा थाना क्षेत्र के चुमनू गांव निवासी लक्ष्मण उरांव (70) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. लक्ष्मण उरांव शुक्रवार की शाम घर से निकला था. शनिवार सुबह घर से लगभग 300 मीटर की दूरी पर एक पेड़ पर रस्सी के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक की बहू सपना उरांव ने बताया कि वह और उसके ससुर घर पर रहते थे. बाकी घर के सदस्य दूसरे प्रदेश जा चुके हैं. लक्ष्मण लंबे समय से बीमार रहते थे. मानसिक रूप से भी परेशान रहते थे. वह शाम में घर से निकले थे. घर में कोई दूसरा पुरुष सदस्य नहीं होने की वजह से वह रात में ढूंढ़ने के लिए नहीं निकली. शनिवार सुबह ग्रामीणों ने बताया कि उसके ससुर ने आत्महत्या कर ली है.

रायडीह : नाबालिग ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

रायडीह थाना क्षेत्र के सिलम गांव के नाबालिग दीपनारायण सिंह उर्फ दिनेश सिंह ने अपने घर पर ही शुक्रवार की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों ने बताया कि दीपनारायण सिंह पढ़ाई को लेकर काफी तनाव में रहता था. वह अपने मन की बात किसी से साझा नहीं करता था. शुक्रवार को सभी परिजन किसी काम से गुमला गये थे. इस दौरान दीपनारायण सिंह घर पर अकेला था. शाम में घर लौटे, तो देखा कि घर के अंदर दीपनारायण सिंह फांसी के फंदे से झूल रहा है. समाचार लिखे जाने तक आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है.

भरनो : नौकरी नहीं मिली तो युवक ने की आत्महत्या

भरनो थाना क्षेत्र के पंडा मसिया गांव निवासी हनीफ अंसारी के पुत्र आर्यन अंसारी (26) ने शनिवार को दोपहर में पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. मृतक ने गांव से 2 किलोमीटर दूर बारी में अमरूद के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगा ली. परिजन उसे फंदे से उतारकर अस्पताल ले गये, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों की सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया. परिजनों ने पुलिस को बताया कि आर्यन नौकरी नहीं मिलने से परेशान था. परिजन उसकी शादी करना चाहते थे, लेकिन आर्यन इसके लिए तैयार नहीं था. कई दिनों से वह डिप्रेशन में था.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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