एकलव्य विद्यालय में मिट्टी की जांच का प्रशिक्षण, छात्रों को मिली वैज्ञानिक खेती की सीख

बसिया के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में कृषि विज्ञान केंद्र और आत्मा, बसिया द्वारा मिट्टी स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना के तहत प्रशिक्षण आयोजित किया गया. छात्रों को मिट्टी की जांच, वैज्ञानिक खेती और कृषि में रोजगार की संभावनाओं के बारे में सिखाया गया.

बसिया (गुमला): एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, बसिया में कृषि विज्ञान केंद्र, गुमला और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), बसिया के संयुक्त तत्वावधान में स्कूल सॉइल हेल्थ एवं फर्टिलिटी स्कीम के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में छात्रों को मिट्टी की जांच की आवश्यकता, नमूना लेने की विधि और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की जानकारी दी गई.

इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, गुमला के मृदा वैज्ञानिक डॉ. नीरज कुमार वैश्य ने छात्रों को मिट्टी की जांच के महत्व और इसके विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर ही खेत में आवश्यक पोषक तत्वों और उर्वरकों का संतुलित उपयोग किया जा सकता है. उन्होंने छात्रों से छुट्टियों में घर जाने पर अपने अभिभावकों को मिट्टी की जांच कराने और वैज्ञानिक तरीके से कृषि कार्य करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया.

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छात्रों को बताया मिट्टी का नमूना लेने का तरीका

विद्यालय परिसर में छात्रों को खेत से मिट्टी का नमूना एकत्र करने की व्यावहारिक जानकारी भी दी गई. डॉ. नीरज ने बताया कि सही तरीके से मिट्टी का नमूना लेना जांच की सटीकता के लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने विद्यालय में स्थापित सॉइल टेस्टिंग मशीन का भी निरीक्षण किया और विद्यालय में मिट्टी की जांच की जा रही व्यवस्था की सराहना की. कार्यक्रम में आत्मा, बसिया की प्रखंड तकनीकी प्रबंधक रश्मि सुरीन, कृषक मित्र सूरज कुमार साहू और विद्यालय के शिक्षक व छात्र मौजूद थे.

कृषि के क्षेत्र में रोजगार की भी बड़ी संभावना

विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार सिंह ने छात्रों को मिट्टी जांच का महत्व समझाते हुए कहा कि वे अपने खेत की मिट्टी का नमूना विद्यालय लाकर शिक्षकों की मदद से स्वयं भी उसकी जांच करना सीख सकते हैं. उन्होंने कहा कि कृषि केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि इंटरमीडिएट के बाद इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार की भी बड़ी संभावनाएं हैं. छात्रों को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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