गुमला. शहर से करीब छह किमी दूर उर्मी बाइपास सड़क चौराहा पर गोलंबर निर्माण का मामला फिलहाल लटक गया है. गुमला एनएच विभाग की ओर से गोलंबर निर्माण का जो प्रस्ताव एनएच विभाग, नयी दिल्ली भेजा गया था, वह फाइल वहां से वापस लौटा दी गयी है. बताया गया है कि प्रस्ताव में कुछ कमियों के कारण इसे लौटाया गया है और नये सिरे से प्रस्ताव तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया है. उर्मी चौराहा बाइपास सड़क से होकर ओड़िशा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के लिए वाहनों का आवागमन होता है. बाइपास सड़क अभी निर्माणाधीन है और इसी मार्ग पर उर्मी चौराहा पुलिस टीओपी के समीप गोलंबर बनाने का प्रस्ताव है. इसके लिए एनएच विभाग के साथ-साथ गुमला प्रशासन भी प्रयासरत है. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यहां गोलंबर बन जाता है, तो आये दिन हो रहे सड़क हादसों पर काफी हद तक रोक लगायी जा सकती है. यह मार्ग नेशनल हाइवे का हिस्सा है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं. गोलंबर नहीं होने से वाहन चालक तेज रफ्तार में चौराहा पार करते हैं. टर्निंग के दौरान सामने से आ रही गाड़ियों से टकराने के कारण कई बार गंभीर हादसे हो चुके हैं. उन्हीं दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने गोलंबर निर्माण का प्रस्ताव बना कर भेजा था, लेकिन फिलहाल यह अटक गया है. इस संबंध में झारखंड चेंबर के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने बताया कि एक सप्ताह पहले गुमला में दिशा की बैठक हुई थी, जिसमें उन्होंने उर्मी चौराहा के सुंदरीकरण और गोलंबर निर्माण की मांग रखी थी. बैठक में प्रशासन की ओर से कहा गया था कि यहां गोलंबर बनाने की योजना है. उन्होंने इसे एक सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि गोलंबर न केवल चौराहे की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि यातायात को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाता है. इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है और उर्मी को एक नयी पहचान मिल सकती है. उन्होंने सरकार और प्रशासन से जल्द पहल शुरू करने की मांग की है.
पुलिस ने लगायी रोड सेफ्टी बैरिकेडिंग
गोलंबर नहीं बनने के कारण जहां हमेशा बड़ी दुर्घटना का खतरा बना रहता है, वहीं गुमला पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने के लिए उर्मी चौराहा के समीप रोड सेफ्टी बैरिकेडिंग लगायी है. इससे छोटे हादसों में कुछ हद तक कमी आयी है, लेकिन भारी वाहनों के कारण खतरा अब भी बना हुआ है. गुमला से होकर गुजरने वाले बड़े और तेज रफ्तार वाहनों की वजह से कई बैरिकेडिंग क्षतिग्रस्त भी हो चुकी हैं. पुलिस ने चौराहे के चारों ओर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा के अस्थायी इंतजाम किये हैं, लेकिन यह व्यवस्था लंबे समय तक कारगर नहीं मानी जा रही है. गुमला पुलिस भी स्थायी समाधान के रूप में गोलंबर निर्माण पर जोर दे रही है, ताकि इस व्यस्त चौराहे पर होने वाले हादसों को प्रभावी रूप से रोका जा सके.
——————————-बाइपास सड़क के उर्मी चौराहा के पास गोलंबर बनना है. इसके लिए प्रस्ताव बना कर एनएच विभाग नयी दिल्ली को भेजा गया था. परंतु वहां से फाइल लौट गयी है. पुन: नये सिरे से प्रस्ताव बना कर मांगा गया है. एनएच विभाग गुमला प्रस्ताव बना रहा है, ताकि गोलंबर बनाने की स्वीकृति लेकर 2026 में गोलंबर बना दिया जाये.शेखर सुमन, इइ, एनएच, गुमला
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