एसपी से मुलाकात कर लड़कियों को खोजने की लगायी गुहार
सर, हमारी गांव की बेटियों को बेच दिया गया है, बचा लीजिये!
दुर्जय पासवान
गुमला : गुमला जिले के पहाड़ व जंगलों में रहने वाले विलुप्त प्राय: आदिम जनजाति की 50 से अधिक नाबालिक लड़कियां गायब हैं. इन लड़कियों को मानव तस्करों ने बड़े शहरों में ले जाकर बेच दिया है. अधिकतर लड़कियों को दिल्ली में बेचा गया है. कोई दो वर्ष, तो कोई पांच वर्ष, तो काेई 10 वर्ष से गायब हैं. ये लड़कियां अभी कहां हैं, परिजनों का पता नहीं है.
परिजनों ने अपनी बेटियों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन पता नहीं चला. यह जानकारी बिशुनपुर प्रखंड के पोलपोट पाट युवा संघ के अध्यक्ष विमलचंद्र असुर ने गुमला एसपी भीमसेन टुटी को मुलाकात कर दी. श्री असुर ने एसपी को बताया कि आदिम जनजाति बहुल गांव की कई बेटियों को मानव तस्करों ने बेच दिया है. गरीबी व अशिक्षा का फायदा उठा कर लड़कियों को दूसरे शहर ले जाया गया है. श्री असुर ने एसपी से सभी लड़कियों को खोजने की गुहार लगायी है.
एफआइआर कर कार्रवाई करेंगे : एसपी
एसपी भीमसेन टुटी ने कहा कि मानव तस्करी के जितने भी मामले पुलिस के पास आ रहे हैं, उसमें एफआइआर कर कार्रवाई की जा रही है. कई लड़कियों को बड़े शहरों से मुक्त करा कर लाया गया है. अगर आदिम जनजाति की लड़कियां मानव तस्करी की शिकार हुई हैं, तो एफआइआर कर कार्रवाई की जायेगी. एसपी ने विमलचंद्र असुर से गायब लड़कियों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है, ताकि मामले की जांच कर कार्रवाई की जा सके.
इन गांवों से लड़कियां गायब हैं
पहाड़ व जंगलों में स्थित गांव की लड़कियां गायब हैं. इनमें पोलपोल पाट, लुपुंगपाट, लुचुतपाट, सखुवापानी, पीढ़ापाट, डोकापाट, कोरकोट पाट, बाघलता, सनईटांगर, गढ़ाटोली, चाकडीपा, गुंगड़ूपाट, बूढ़ी कोना, जमटी, कटिया, बरपाट, डीपाकुजाम, भट्ठीपाट, जोभीपाट, टुटुवा, लिंगिरपाट, ककरंग, बीजापाट, बेसनापाट, भड़ियापाट, असुरटोली, बथलथापाट गांव शामिल हैं.
