धनसिंह डैम बसिया प्रखंड की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई योजना है. 50 गांव के 2305 हेक्टेयर खेत में सिंचाई के लिए पानी मिलता है. डैम 36 स्कवायर किमी में फैला है. अभी 25 फीट गहरा पानी है. दक्षिणी कोयल की सहायक खखराजोर नदी में डैम बना है.
बसिया से लौट कर दुर्जय पासवान
बसिया प्रखंड की सबसे बड़ी सिंचाई योजना धनसिंह डैम की मरम्मत होगी. इसके लिए 29 करोड़ रुपये का डीपीआर बनाया गया है. जैसे ही सरकार से इसकी स्वीकृति मिलेगी, डैम के केनाल, स्पीलवे व स्ट्रैक्चर की मरम्मत शुरू हो जायेगी.
यह जानकारी जल संसाधन विभाग गुमला के एसडीओ श्रीकेश सिंकू ने डीसी श्रवण साय को दी़ डीसी सोमवार को बसिया दौरे के क्रम में धनसिंह डैम की स्थिति देखने पहुंचे थे. साथ में एसपी भीमसेन टुटी, डीपीओ अरुण कुमार के अलावा जिले व बसिया अनुमंडल के कई अधिकारी थे. डैम में पानी लबालब था.
डैम के बगल के खेत में हरियाली थी. कई किसानों ने फसल लगायी थी. डीसी व एसपी डैम में पानी देख खुश हुए. मौके पर जिला मत्स्य पदाधिकारी सीमा कुजूर थीं. डीसी ने पूछा कि यहां मछली पालन की स्थिति क्या है़ यहां वृहत रूप से मछली पालन करने का निर्देश दिया. डीसी ने कहा : जितना पानी है, किसान उपयोग करें, तो इस क्षेत्र में कृषि क्रांति आयेगी.
इंजीनियरों ने बताया, डैम के केनाल व स्पीलवे की स्थिति ठीक नहीं है, उसकी मरम्मत करायी जायेगी. इधर, धनसिंह डैम की मरम्मत होने की सूचना से गांव के लोगों में खुशी का माहौल है. किसानों का कहना है कि पानी के अभाव में यहां के किसान परेशान रहते थे. खेतों में बीज तो लगा लेते थे, लेकिन पटवन की चिंता सताती थी.
