गुमला : मानव तस्करों ने बेच दिया था, 17 महीने बाद दिल्ली से लौटी गुमला की शांता ने सुनायी अपबीती
गुमला : गुमला की 14 वर्षीय शांता कुमारी (बदला हुआ नाम) दिल्ली के नाम से ही सिहर उठती है. दिल्ली में उसके साथ जो हुआ, वह अब उसे याद करना नहीं चाहती. उसने कहा : अब मैं दिल्ली नहीं जाऊंगी. गुमला में ही रह कर पढ़ाई करूंगी. आठवीं तक पढ़ी हूं. आगे पढ़ाई कर अपनी अलग पहचान बनाना है. उसका अपना घर ढिंढौली से सटे एक छोटा से गांव में है.
17 महीने पहले गांव के ही मानव तस्कर चेरंगी उर्फ रोशनी ने उसे दिल्ली में ले जाकर बेच दी थी. सीडब्ल्यूसी के समक्ष शांता ने अपनी अपबीती सुनाते हुए कहा : गुमला में चेरंगी व दिल्ली में रोशनी के नाम से प्रसिद्ध मानव तस्कर ने उसे दिल्ली में दो स्थानों पर मोटी रकम लेकर बेच दी थी. जहां भी शांता काम की. घर मालिक ने उसके साथ गलत हरकत की.
यहां तक कि दिल्ली के गुड़गांव में प्लेसमेंट एजेंसी चलानेवाले शंकर के यहां एक व्यक्ति रहता था. उसने भी उसके साथ गलत करने का प्रयास किया. उसने केस करने की धमकी देते हुए घर जाने की बात कही. इधर गुमला से शांता के परिजनों ने भी दलाल पर दबाव बनाया. पुलिस के चक्कर में पड़ने से बचने के लिए मानव तस्कर चेरंगी ने शांता को 31 दिसंबर को उसके घर लाकर छोड़ दी.
जिले की कई लड़कियां दिल्ली में : शांता ने कहा कि पहले उसे गुड़गांव की नेहा के घर में बेचा गया. उसके पति उस पर बुरी नजर रखते थे. कई बार उसके साथ गलत करने का प्रयास किया.
शांता वहां से भाग कर प्लेसमेंट एजेंसी संचालक शंकर के कार्यालय पहुंची. कार्यालय में पहले से गुमला की कई लड़कियां है. कुछ दिन वह वहीं रही. लेकिन यहां भी उसके साथ गलत करने का प्रयास किया गया. शांता ने कहा कि शंकर के पास कई लड़कियां हैं. जिसे गुमला से ले जाया गया है. सभी लड़कियों को ढिंढौली गांव की चेरंगी महली ने ले जाकर बेचा है.
रमण व सुषमा मुसीबत में हैं : गुमला की रमण व सुषमा दिल्ली में मुसीबत में हैं. इन दोनों को वहां प्रताड़ित किया जा रहा है. इनदोनों ने कई बार भागने की कोशिश की, लेकिन भाग नहीं सकीं. रमण की मां ने सीडब्ल्यूसी को आवेदन सौंप कर अपनी बेटी को सकुशल लाने की गुहार लगायी है. शांता दिल्ली से लौटने के बाद रमण व सुषमा के दिल्ली में फंसे होने की जानकारी दी है.
युवक चला रहे अभियान : वर्ल्डर्स विनर एजुकेशन के सचिव सत्यजीत कुंदन, शेखर कुमार ठाकुर व अख्तर अंसारी मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रहे हैं. ये तीनों युवा हैं और खुद की संस्था बना कर काम कर रहे हैं. संस्था के इन्हीं युवकों ने गांव में सर्वे के दौरान शांता को दिल्ली में बेचने का मामला खोजा. इसके बाद शांता को सीडब्ल्यूसी में लाकर मामले की जानकारी दी है.
अभी मामला आया है. इसकी जांच की जा रही है. जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
तागरेन पन्ना, चेयरमैन, सीडब्ल्यूसी, गुमला .
