गुमला के 37 चर्च में रात्रि मिस्सा पूजा हुई
गुमला : बालक यीशु के जन्म की खुशी में गुमला जिला सराबोर हो गया है. रातभर आतिशबाजी हुई. चारों ओर उत्साह का माहौल है. गुमला धर्मप्रांत के सभी 37 चर्च में गुरुवार को रात्रि मिस्सा पूजा हुई. गुमला के संत पात्रिक महागिरजाघर में बिशप पॉल लकड़ा की अगुवाई में पूजा हुई. वहीं अन्य 36 पल्लियों में वहां के पल्ली पुरोहित व डीन ने पूजा पाठ कराया.
शुक्रवार की सुबह को भी चर्च में मिस्सा पूजा होगी. जीइएल चर्च में भी उत्साह व उमंग है. वहीं दूसरी और गुरुवार को ईसाई मिशनरियों ने अपनी पसंद की चीजों की खूब खरीदारी की. सबसे ज्यादा सजावट के सामान की बिक्री हुई. पर्व में कई प्रकार के पकवान बनेंगे. चर्च को बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया गया है. रात को दुधिया रोशनी में चर्च चमका.
जेल में फादर एरिक करायेंगे पूजा : गुमला मंडल कारा में सहायक पल्ली पुरोहित फादर एरिक इंदवार पूजा करायेंगे. वहीं सुबह को संत पात्रिक महागिरजाघर में विकर जनरल फादर सीप्रियन कुल्लू छह बजे से पहली मिस्सा पूजा करायेंगे.
इसके बाद साढ़े आठ बजे फादर राजेंद्र द्वारा पूजा करा कर चरनी की आशीष व बालक यीशु के बाल रूप का चुंबन होगा. पल्ली पुरोहित फादर सामुवेल कुजूर ने कहा कि पूजा पाठ की पूरी तैयारी हो गयी है. इसबार वेदी व चरनी को संत अन्ना की धर्मबहनों ने सजाया है.
इन चर्चों में क्रिसमस की धूम : गुमला धर्मप्रांत में 37 पल्ली हैं. इनमें गुमला, सोसो, टुकूटोली, रामपुर, दलमदी, तुरबुंगा, अघरमा, कोनबीर नवाटोली, केमताटोली, ममरला, केउंदटोली, छत्तापहाड़,रोशनपुर, लौवाकेरा, सुंदरपुर, देवगांव, करौंदाबेड़ा, मांझाटोली, जोकारी, मुरुमकेला, टोंगो, बारडीह, चैनपुर, मालम नवाटोली, नवाडीह, परसा, कटकाही, केडेंग, भिखमपुर, रजावल, कपोडीह, डुमरपाट, डोकापाट, बनारी, विमरला व नवडीहा है. इन पल्लियों में लगभग 350 छोटे-छोटे चर्च हैं. जहां क्रिसमस पर्व की धूम रहेगी.
िजले में 18 मंडलियों में क्रिसमस की धूम
गुमला जिले के एनडब्ल्यूजीइएल चर्च के 18 मंडलियों में क्रिसमस पर्व की धूम है. क्रिसमस पर्व के अवसर पर सभी चर्चो में धार्मिक अनुष्ठान गुरुवार की शाम को हुआ. एनडब्ल्यूजीइएल के मुख्य केंद्र गुमला लुथेरान चर्च में परमेश्वर भक्ति आराधना हुई. गुमला सहित करमटोली, चाहा, पुग्गू, गम्हरिया, झड़गांव, मुरईटोली, पीबो, मोकरो, असनी, सिलम, पानीसानी, चैनपुर, डुमरी, जारी, बिशुनपुर, घाघरा, सिसई, भरनो, बसिया, कामडारा, पालकोट के चर्च में क्रिसमस का पर्व मनाया जा रहा है. इन मंडलियों के अंतर्गत 700 छोटे-बड़े चर्च है. जहां पूजा पाठ हुई.
