ओके :8::: सेविकाओं ने सीडीपीओ को घेरा, बकाया पैसा मांगा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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आवेदन सौंप कर बकाया राशि के भुगतान की मांग की20 गुम 24 में सीडीपीओ का घेराव करने पहुंची आंगनबाड़ी सेविकायें प्रतिनिधि, गुमलागुमला की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बकाया पोषाहार राशि की मांग को लेकर बुधवार को गुमला सीडीपीओ उमा सिन्हा का घेराव किया. सीडीपीओ को आवेदन सौंपा और नया मॉडल के शुरुआत करने से पहले बकाया पोषाहार राशि का भुगतान करने की मांग की. सेविकाओं ने बताया कि वर्ष 2011 के फरवरी, मार्च, वर्ष 2011 के सबला का अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर, वर्ष 2014 के मई जून, जुलाई तथा वर्ष 2014 के सबला का अप्रैल और जुलाई माह का पोषाहार राशि बकाया है. जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है. बकाया राशि का भुगतान किये बिना ही रेडी टू इट फूड कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है. इसके अलावा सेविकाओं ने सीडीपीओ से अनौपचारिक शिक्षा के लिए जलावन खर्च देने तथा बकाया पोषाहार राशि का भुगतान करने के बाद रेडी टू इट फूड की सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचवाने की व्यवस्था करने की मांग की. एक-एक सेविका पर 80-80 हजार रुपये बकाया हैगुमला जिला में कुल 243 आंगनबाड़ी सेविकायें कार्यरत हैं. आंगनबाड़ी सेविकाओं को विभाग द्वारा किराना दुकान से उधारी में सामग्री उठाव करने का निर्देश दिया गया है. उधार में सामग्री उठाव करने के कारण एक-एक आंगनबाड़ी सेविका पर 80-80 हजार रुपये का पोषाहार राशि बकाया है. अब बकाया राशि का भुगतान किये बिना ही नया मॉडल रेडी टू इट फूड कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है. आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बताया कि दुकानदारों ने बकाया राशि के भुगतान के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है. राशि नहीं देने पर घर कुर्की जब्ती की चेतावनी दी है. हम सेविकाओं का मासिक मानदेय मात्र 3000 रुपये है. हम दुकानदारों को राशि कहां से देंगे. बकाया राशि का भुगतान किया जायेगा : सीडीपीओ सीडीपीओ उमा सिन्हा ने बताया कि नया मॉडल रेडी टू इट फूड कार्यक्रम सरकार द्वारा संचालित योजना है. इससे बच्चों को ज्यादा लाभ मिलेगा. बकाया राशि भुगतान के संबंध में उन्होंने कहा कि इस संबंध में ऊपर के अधिकारियों को अवगत कराया जायेगा और बकाया राशि का भुगतान किया जायेगा.
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