रायडीह/सिसई : सरकार की तमाम हिदायतों के बाद भी सड़क निर्माण में गड़बड़ी रुकने का नाम नहीं ले रही है. प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बन रही सड़कें भी इससे अछूती नहीं हैं. गुमला जिले में ऐसे ही दो मामले सामने आये हैं.
पहला मामला, गुमला-चैनपुर मार्ग का है. यहां केराडीह के समीप तुंजटोली भाया गुमला मार्ग पर बनी 20 साल पुरानी पुलिया ध्वस्त हो गयी है. हैरानी की बात यह है कि दो वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इस पुलिया पर सड़क कालीकरण का काम किया गया था. तब पुलिया की जर्जर स्थिति का आकलन ही नहीं किया गया.
पुलिया टूटने से लगभग 10 गांवों की 3000 आबादी प्रखंड मुख्यालय से कट गयी है. दूसरा मामला, सिसई प्रखंड का है. यहां एक वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 65 लाख की लागत से सिसई-पोटरो-सकरौली सड़क बनी.
इसी सड़क पर पोटरो गांव के समीप बना कलवर्ट दो दिन पहले हुई बारिश में धंस गया है. इस कारण वाहनों का परिचालन ठप है. कलवर्ट का काम नारायण कंस्ट्रक्शन ने कराया है. सकरौली गांव के लोगों ने बताया कि सिसई प्रखंड मुख्यालय तक जाने के लिए यह एकमात्र रास्ता है. कलवर्ट धंसने से क्षेत्र के सात गांवों की 2000 आबादी प्रभावित हुई है.
