गुमला : गुमला में बस चालक की आंख की झपकी ने तीन लोगों की जान ले ली. जबकि 36 लोग घायल हैं. पांच लोगों की स्थिति गंभीर है. जिन्हें रांची रेफर किया गया है. यह हादसा मंगलवार सुबह 7.45 बजे रायडीह प्रखंड के डोबडोबी मोड़ के पास हुई. सभी लोग सिसई रोडवेज बस पर सवार […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गुमला : गुमला में बस चालक की आंख की झपकी ने तीन लोगों की जान ले ली. जबकि 36 लोग घायल हैं. पांच लोगों की स्थिति गंभीर है. जिन्हें रांची रेफर किया गया है. यह हादसा मंगलवार सुबह 7.45 बजे रायडीह प्रखंड के डोबडोबी मोड़ के पास हुई. सभी लोग सिसई रोडवेज बस पर सवार होकर सिसई प्रखंड के पुसो निजमा गांव से छत्तीसगढ़ राज्य के सीतापुर बड़ा मेहमानी जा रहे थे. तभी डोबडोबी मोड़ के पास चालक इंतेसार खान की आंख लग गयी.
इससे मोड़ के पास बस चालक ने संतुलन खो दिया और बस नंबर जेएच 07 डी 6207 आम के पेड़ में सीधी टक्कर मार कर पलट गयी. जिससे बस चालक सिसई छारदा रोड नया बस्ती निवासी इंतेसार खान उर्फ शेरू (28), सुप्रिया बेक (ढाई साल) व पारही बिसाहीटोली सेन्हा निवासी मरियम तिर्की (65) की मौत हो गयी. बस पलटते ही अफरा-तफरी मच गयी. स्थानीय लोग दौड़ कर पहुंचे. सूचना पर रायडीह पुलिस भी पहुंची. सभी घायलों को बस से निकाल कर अस्पताल पहुंचाया गया. गुमला सदर अस्पताल में सभी घायलों को सुविधा के अनुसार इलाज की व्यवस्था की गयी. कई नेता भी पहुंचे और घायलों के इलाज की व्यवस्था करायी. वहीं चिकित्सकों ने दो लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद रिम्स रेफर कर दिया.
सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल गुमला में चल रहा है. वहीं घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी निजमा निवासी सचिन किंडो व प्रत्यक्षदर्शी आश्रित कुजूर ने बताया कि चालक वाहन को काफी तेज गति में चला रहा था. भलमंडा के समीप चालक को झपकी आ गया और उसका हाथ स्टेयरिंग से हट गया. पीछे से उपचालक दौड़ते हुए स्टेयरिंग की ओर भाग कर स्टेयरिंग संभालने का प्रयास किया. लेकिन तब तक बस पेड़ से टकरा कर पलट गयी. जिससे हम सभी घायल हो गये.
ग्रामीणों ने तत्काल की मदद : घटना की सूचना रायडीह के लोगों व प्रशासन को मिलने पर घटनास्थल पर पहुंच कर सभी घायलों को रायडीह सीएचसी में भरती कराया गया. जहां प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने घायलों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया. इस दौरान थानेदार रवींद्र शर्मा, बीडीओ मिथिलेश सिंह, चुमनू उरांव, मांगु उरांव, लालो राय, योगेंद्र सिंह सहित ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंच कर घायलों को सीएचसी व सदर अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.
स्ट्रेचर की कमी से हुई कठिनाई
एंबुलेंस व 108 एंबुलेंस से घायलों को सदर अस्पताल लाया गया. लेकिन अस्पताल में दो स्ट्रेचर होने के कारण घायलों के परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. दोनों स्ट्रेचर पर मरीज होने के कारण अन्य घायलों के परिजन घायल को गोद में उठा कर अस्पताल में इलाज कराने के लिए आते रहे. लेकिन अस्पताल द्वारा उन्हें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गयी. वहीं अस्पताल के सभी वार्ड के बेड पर मरीज भरा होने पर बरामदे में सभी घायलों को गद्दा व बेड शीट बिछा कर जमीन पर लिटाया गया. जहां अस्पताल के चतुर्थवर्गीय कर्मियों द्वारा मरीजों को कार्टन से उनके घाव को साफ करते देखा गया. इसके अलावा सुरक्षा में तैनात गार्ड ने सभी घायलों को ड्रेसर रूम में ले जाकर मलहम पट्टी कराया.
जांको राखे साइयां मार सके न कोई : जांको राखे साइयां मार सके न कोई यह कहावत मंगलवार को बस हादसे में देखने को मिली. इस हादसे में निजमा सिद्धमाटोली निवासी एक वर्षीय बच्ची ध्याती उरांव को खरोंच तक नहीं आयी. ध्याती उरांव अपनी बड़ी बहन शकुंतला उरांव के साथ बड़ा मेहमानी जा रही थी. इस दौरान शकुंतला को भी हल्की चोट लगी़ जबकि उसकी बहन ध्याती को एक खरोंच भी नहीं आया.
चार चिकित्सकों ने किया इलाज
अस्पताल में बस हादसे की खबर व घायल के पहुंचने पर सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ आनंद किशोर उरांव, डॉक्टर पीसीके भगत, डॉ पूनम कुमारी व डॉ सुजान मुंडा सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने इलाज के लिए हर संभव प्रयास किया. इसकी देखरेख सीएस डॉ सुखदेव भगत कर रहे थे. उनके स्तर से सभी घायलों का इलाज कर दवा दी गयी.
भाजपा व कांग्रेस के नेता पहुंचे अस्पताल : इधर घटना की सूचना मिलने पर नगर परिषद अध्यक्ष दीपनारायण उरांव, भाजपा जिलाध्यक्ष सविंद्र कुमार सिंह, महामंत्री यशवंत सिंह, भाजयुमो जिलाध्यक्ष मिशिर कुजूर, मो आशिक अंसारी, मानिक चंद साहू, अमृता भगत सदर अस्पताल पहुंचे. जहां उन्होंने घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया. साथ ही घटना की जानकारी घायलों से ली. वहीं सीएस से मिल कर किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होने की बात कही. सीएस ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी दवाएं हैं और सभी का इलाज यहीं हो जायेगा.