किसानों के आत्महत्या के मामले में झामुमो का धरना
राज्यपाल द्रौपदी मुरमू के नाम सदर बीडीओ को मांग पत्र सौंपा.
गुमला : किसानों द्वारा आत्महत्या किये जाने के विरोध में झारखंड मुक्ति मोरचा (झामुमो) गुमला ने बुधवार को सदर प्रखंड मुख्यालय परिसर में धरना दिया. कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और किसानों को सुविधा मुहैया कराने की मांग की. मौके पर मोरचा के जिलाध्यक्ष भूषण तिर्की ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं, लेकिन किसानों की चिंता करने वाला कोई नहीं है. यही कारण है कि किसान आत्महत्या करने को विवश हैं. किसानों को सरकार की ओर से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल रही है. कोई किसान कर्ज के बोझ के तले दबा हुआ है, तो कोई किसान हल जोतने के लिए बैल नहीं खरीद पा रहा है, जिससे वे चिंतित रहते हैं.
सरकार से सहायता की उम्मीद करते हैं, लेकिन सरकार ध्यान नहीं देती है. मजबूरी में किसान आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं. गत दिनों घाघरा के बड़काडीह निवासी किसान बिरसाई उरांव ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली. वहीं धरना-प्रदर्शन के बाद श्री तिर्की के नेतृत्व में मोरचा के कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल द्रौपदी मुरमू के नाम सदर बीडीओ को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा.
इसमें जिले के किसानों का ऋण माफ करने, किसानों को सस्ते दर पर खाद-बीज देने, बिना ब्याज के 10-10 लाख रुपये ऋण देने, हल-बैल, सिंचाई के लिए तेल व बिजली उपलब्ध कराने, मृतक किसान बिरसाई उरांव की पत्नी को विधवा पेंशन व प्रधानमंत्री आवास देने, उसकी इकलौती बेटी की शादी और नौकरी की व्यवस्था कराने सहित अन्य मांगे शामिल है. धरना प्रदर्शन में रंजीत सिंह, हरिओम प्रसाद, संजय सिंह, कृष्णा लोहरा, राजकुमार साहू, लालदेव खड़िया, राजेश भगत, टुंपा भगत, छोटू खड़िया, सुरेंद्र ठाकुर व वीरेंद्र कुमार सहित कई कार्यकर्ता शामिल थे.
