गुमला : गुमला के ईंट भट्ठा व पत्थर व्यवसायी श्याम लाल प्रसाद की हत्या हुए 48 घंटा हो गया लेकिन अभी तक हत्यारों का सुराग नहीं मिला है. हत्या के कारणों का भी पता नहीं चला है. ऐसे गुमला पुलिस तीन बिंदुओं पर हत्या की जांच कर रही है. पहला : जमीन व व्यवसाय का विवाद, दूसरा : अपराधियों द्वारा लेवी की मांग व तीसरा कारण पुराने केस को उठाने को लेकर मिल रही धमकी है.
पुलिस इन तीन बिंदुओं पर गहराई से अनुसंधान कर रही है. हालांकि थाना में जो केस दर्ज हुआ है, उसके अनुसार श्याम लाल की हत्या में बाहरी अपराधियों का हाथ होने की आशंका व्यक्त की जा रही है. परिजनों को शक है कि बाहर से शूटर को बुला कर श्यामलाल की हत्या करायी गयी है. हत्या के पीछे षडयंत्र भी बताया जा रहा है. षडयंत्र रचनेवालों का नाम सामने नहीं आया है. लेकिन जिस प्रकार हत्या की गयी है उससे लगता है कि यह पहले से बनायी गयी रणनीति है. चर्चा है कि लेवी की मांग को लेकर हत्या नहीं हो सकती है.
क्योंकि अगर अपराधियों को लेवी वसूलना रहता तो सिर्फ डरा-धमका कर छोड़ देते. ताकि बाद में लेवी वसूल सकते थे. हत्या के पीछे व्यवसायी प्रतिस्पर्धा व पूर्व में कुछ लोगों के साथ चल रहा केस हो सकता है. पुलिस भी इन्हीं दो बिंदुओं पर विशेष रूप से जांच कर रही है. यहां बता दें कि वर्ष 2013 के मई माह व वर्ष 2015 के अगस्त माह में जब श्याम लाल पर हमला हुआ था, तो उन्हें सिर्फ घायल करके छोड़ दिया गया था.
ताकि अपराधी उनसे लेवी वसूल सके. ऐसे व्यवसाय के क्षेत्र में श्यामलाल बेखौफ काम करते थे. वे कभी अपराधियों से नहीं डरे. लेकिन शनिवार को हुए हमले के बाद श्यामलाल की मौत ने कई सवाल खड़ा कर दिया है. ऐसे पुलिस श्यामलाल से जुड़े हर शख्स को शक की निगाह से देख रही है. पुलिस हत्या के उदभेदन में जुट गयी है. पुलिस को तीन अपराधियों की तलाश है, जो फिलहाल में ही जेल से निकले हैं और हत्या से एक सप्ताह पहले उन अपराधियों को डुमरडीह इलाके में घूमते देखा गया है. ये तीनों अपराधी खूंखार रह चुके हैं. वहीं श्यामलाल की हत्या व्यवसाय जगत के लिए बड़ी क्षति है.
