जोखिम उठा नदी पार करते हैं लोग

बांस के सहारे पुल के ऊपर पहुंचते हैं, फिर जाते हैं दूसरी ओर प्रशासन नहीं कर रहा है सहयोग, लोग परेशान बानो : एप्रोच पथ के अभाव में बानो प्रखंड के बांकी, साहूबेड़ा पंचायत सहित रनिया प्रखंड के लोग जान जोखिम में डाल कर नदी पार करने को विवश हैं. लोग पहले बांस के सहारे […]

बांस के सहारे पुल के ऊपर पहुंचते हैं, फिर जाते हैं दूसरी ओर
प्रशासन नहीं कर रहा है सहयोग, लोग परेशान
बानो : एप्रोच पथ के अभाव में बानो प्रखंड के बांकी, साहूबेड़ा पंचायत सहित रनिया प्रखंड के लोग जान जोखिम में डाल कर नदी पार करने को विवश हैं. लोग पहले बांस के सहारे नये पुल के ऊपर जाते हैं, फिर नदी पार करते हैं.
जमीन से पुल की ऊंचाई करीब 25 फीट है, जहां तक पहुंचने के लिए ग्रामीण बांस की सीढ़ी बना रहे हैं. ज्ञात हो कि प्रखंड के पाड़ो में सोदे घाट के समीप करोड़ रुपये खर्च कर नया पुल बनाया गया है, लेकिन बानो-सिमडेगा को जोड़ने के लिए एप्रोच पथ नहीं बना है. इस करण लोगों को जैसे-तैसे नदी पार करना पड़ रहा है. बताया जा रहा है कि जहां एप्रोच पथ बनाया जाना है, उसके आसपास तीन-चार घर हैं. इन्हें मुआवजा नहीं मिलने के कारण एप्रोच पथ के निर्माण में परेशानी आ रही है. एप्रोच पथ नहीं बनने से बरसात मेंं लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है. बरसात के दिनों में बानो प्रखंड के लोगों का संपर्क रनिया प्रखंड से कट जाता है.
एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है
एप्रोच पथ के अभाव में लोग कोयल नदी पैदल पार करते हैं. लोगों के बहने का भी भय बना रहता है. नदी पार करने में महिलाओं व वृद्ध लोगों को काफी परेशानी होती है. ग्रामीणों के अनुसार, पांच जुलाई को नदी पार करते समय सोदे निवासी गफ्फार मियां की मौत हो गयी थी. ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों को अपनी परेशानी से अवगत कराया, लेकिन किसी ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया. थक हार कर ग्रामीणों ने चंदा कर सीढ़ी निर्माण का निर्णय लिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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