जान जोखिम में डाल पढ़ने को विवश बच्चे

हाल: राजकीयकृत मध्य विद्यालय अमलिया का भरनो : राजकीयकृत मध्य विद्यालय अमलिया में बच्चे जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई करने को विवश हैं. विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई होती है, जिसमें 203 बच्चे अध्ययनरत हैं. शिक्षकों की संख्या छह है. पठन-पाठन के लिए विद्यालय में पांच कमरे हैं, जिसमें दो कमरों […]

हाल: राजकीयकृत मध्य विद्यालय अमलिया का
भरनो : राजकीयकृत मध्य विद्यालय अमलिया में बच्चे जान जोखिम में डाल कर पढ़ाई करने को विवश हैं. विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक पढ़ाई होती है, जिसमें 203 बच्चे अध्ययनरत हैं. शिक्षकों की संख्या छह है. पठन-पाठन के लिए विद्यालय में पांच कमरे हैं, जिसमें दो कमरों का खस्ता हाल है. कमरा की छत जर्जर है.
बारिश के कारण छत का प्लास्टर टूट कर गिर रहा है. प्लास्टर झड़ने के कारण छत का छड़ नजर आ रहा है. आशंका जतायी जा रही है कि तेज बारिश हुई, तो छत गिर सकती है.
ग्रामीण बताते हैं कि विद्यालय की दयनीय स्थिति को देखते हुए कई अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय भेजने से कतरा रहे हैं. अभिभावकों द्वारा की गयी शिकायत के बाद जिप सदस्य पूजा कुमारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया और एचएम गजेंद्र सिंह से जानकारी ली. एचएम ने बताया कि विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए जिला में कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन मरम्मत की दिशा में किसी प्रकार पहल नहीं की गयी है. इस पर पूजा ने एचएम से कहा कि वह इस मामलेे की जानकारी अधिकारियों
को देगी.

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