नाबालिग के अपहरण मामले में आरोपी को सात वर्ष सश्रम कारावास

स्पेशल पोक्सो कोर्ट ने 96 बीएनएस के तहत सुनायी सजा, 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

स्पेशल पोक्सो कोर्ट सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार पवन की अदालत ने शादी की नीयत से नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. न्यायालय ने बीएनएस की धारा 96 के तहत आरोपी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त छह माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा. सजायाफ्ता आरोपी मो. आजम अंसारी पथरगामा थाना क्षेत्र के सिंघयडीह गांव का निवासी है. उसके विरुद्ध पीड़िता के परिजनों ने नाबालिग लड़की को विवाह का प्रलोभन देकर अपहरण करने के आरोप में पथरगामा थाना में प्राथमिकी संख्या 179/24 दर्ज करायी थी. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2024 की शाम पीड़िता घर से शौच के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिजनों द्वारा खोजबीन के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी उसे विवाह का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया है. पुलिस ने अनुसंधान के क्रम में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया तथा घटना सत्य पाये जाने पर न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित किया. मामले में कुल नौ गवाहों के बयान एवं अभिलेख पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनायी.

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Author: SANJEET KUMAR

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