मेहरमा प्रखंड के प्रतापपुर पंचायत स्थित भीमचक गांव में एक महिला के बंध्याकरण के दौरान घोर लापरवाही के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. सिविल सर्जन के निर्देश पर चार सदस्यीय जांच टीम शनिवार को मेहरमा पहुंची और मामले की विस्तृत छानबीन की. जांच टीम में डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा (सिविल सर्जन, गोड्डा), चंद्रशेखर आजाद (एसडीपीओ महागामा), डॉ. खालिद अंजुम (प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, महागामा), डॉ. आकाश कुमार (चिकित्सा पदाधिकारी, सुंदरपहाड़ी) शामिल हैं. भीमचक गांव निवासी कुंदन कुमार सिंह की पत्नी मोनिका कुमारी का 11 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा द्वारा बंध्याकरण किया गया था. आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से महिला की मलमूत्र की नली कट गयी. स्थिति बिगड़ने पर पीड़िता को सात दिनों तक मेहरमा अस्पताल में रखा गया, उसके बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर और फिर एम्स देवघर रेफर किया गया. पीड़िता शुक्रवार एम्स से घर वापस लौटी. सीएस डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा के नेतृत्व में टीम ने पीड़िता के पति से पूरी घटना की जानकारी ली. सीएचसी मेहरमा का निरीक्षण किया और ऑपरेशन रजिस्टर और अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की. ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर डॉ. अरविंद कुमार सिन्हा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे अनुपस्थित रहे. सिविल सर्जन ने कहा कि डॉक्टर को पुनः नोटिस जारी कर बुलाया जाएगा. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह लापरवाही गंभीर है और टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट वरीय पदाधिकारियों को सौंपेगी, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके. जांच के दौरान अमरसिंह कित्ता गांव की मृतका नैना देवी के परिवार ने भी मामले की जांच की मांग की. उनके साथ दो मासूम बच्चे भी थे. सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि उनके मामले के लिए भी अलग टीम गठित की जाएगी और जल्द जांच पूरी की जाएगी.
बंध्याकरण के दौरान महिलाओं की मलमूत्र नली काटने के मामले की जांच शुरू
मेहरमा में महिला बंध्याकरण में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख
