राजमहल कोल परियोजना के पुनर्वास स्थल लौहंडिया के श्रीराधा माधव मंदिर प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया. कथा वाचक वृंदावन धाम से आयी साध्वी अनिता ने कहा कि दुराचारी को अंत करने के लिए भगवान हर युग में जन्म लेते हैं. उन्होंने भक्त प्रहलाद के चरित्र के बारे में विस्तार से जानकारी दिया. भगवान ने हिरण कश्यप के अत्याचार को समाप्त करने के लिए जन्म लेकर दुराचारी का वध किया. हिरण कश्यप अहंकार में डूबा हुआ था. भगवान नरसिंह अवतार लिये थे. हिरण कश्यप का पुत्र प्रहलाद था, जो भगवान विष्णु का अत्यंत भक्त था. अपने पुत्र को मारने के लिए हिरण कश्यप ने कई बार कोशिश की. लेकिन भगवान ने अपने भक्त को हमेशा बचाया. भक्त को भगवान हमेशा मदद करते हैं. मनुष्य को ईश्वर की आराधना करनी चाहिए. इसी से जीवन सफल हो सकता है. भगवान के आराधना से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है. भागवत कथा में पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम भी पहुंचे. पूजा समिति के सदस्यों एवं साध्वी ने पूर्व विधायक को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. मौके पर रमेश दत्ता, मदन दत्ता, रखाल रुज, राजीव कुमार, जयकांत भगत, विद्यासागर चौबे, काशीनाथ गुप्ता, बमभोली पांडे, अरुण हेंब्रम आदि उपस्थित थे.
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