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गोड्डा में ऑनर किलिंग मामले का हुआ खुलासा, तीन फूफा गिरफ्तार, दादा और पिता फरार, पढ़ें पूरी खबर

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
गोड्डा के पथरगामा में ऑनर किलिंग मामले का पुलिस ने किया खुलासा. फूफा गिरफ्तार. दादा व पिता फरार.
गोड्डा के पथरगामा में ऑनर किलिंग मामले का पुलिस ने किया खुलासा. फूफा गिरफ्तार. दादा व पिता फरार.
प्रभात खबर.

Jharkhand Crime News (गोड्डा) : झारखंड के गोड्डा पुलिस ने ऑनर किलिंग मामले का खुलासा किया है. गोड्डा जिला के पथरगामा के लतौना तालाब से बोरे में बंद शव को बरामद किया है. शव की शिनाख्त पश्चिम बंगाल, मालदा निवासी ओल्की के रूप में की गयी है. इस बात की जानकारी गोड्डा एसपी वाईएस रमेश ने पत्रकारों को दी.

एसपी श्री रमेश ने बताया कि यह पूरा मामला आॅनर किलिंग का है. इस हत्याकांड को उसके पिता, दादा व फूफा ने अंजाम दिया है. इसमें और लोगों की भी संलिप्तता है. बताया कि ओल्की मालदा जिले में किसी और लड़के से प्यार करती थी. युवती के परिवार को यह कतई मंजूर नहीं था. मृतक के दादा, पिता व अन्य संबंधी युवती पर दूसरी जगह शादी कराये जाने का दबाव बना रहे थे. यह युवती को मंजूर नहीं था.

उन्होंने कहा कि युवती को डायवर्ट करने के लिए मालदा से पथरगामा के गांधीग्राम लाया गया था. यहां इसके फूफा रहते हैं. युवती की शादी की बात मिर्जाचौकी में चल रही थी. लड़का पक्ष से लेन-देन का मामला भी तकरीबन तय हो गया था, लेकिन युवती इसके बाद भी शादी करने को लेकर तैयार नहीं हुई, तब जाकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया.

9 जुलाई की देर रात दादा व बड़े दादा ने गला दबा कर की थी पोती की हत्या

मृतका ओल्की के इंकार किये जाने के बाद दादा नगदी यादव व बड़े दादा जगदीश यादव के द्वारा 9 जुलाई की देर रात पोती की गला दबा कर हत्या कर दी गयी. इसके बाद शव को दो दिन तक घर में ही रखा. 11 जुलाई को जब मालदा जिले से युवती के पिता घनश्याम यादव व चाचा सुंदर यादव आये, तो शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया जाने लगा. युवती के फूफा साकेत यादव व सुधीर यादव ने शव को पास के ही तालाब में बोरे से बांधकर साथ में पत्थर से बांधकर तालाब में फेंक दिया, ताकि कुछ पता नहीं चले. शव को सूमो विक्टा (BR 10P 1124) में लादकर तालाब में तकरीबन 11 बजे रात में फेंक दिया गया था.

कैसे हुआ खुलासा

एसपी श्री रमेश ने बताया कि पुलिस को शव मिलने के बाद से ही शक गहरा हो गया था. इसको लेकर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी थी. इसमें पुलिस ने कांड का अनुसंधान शुरू कर दिया. जब पुलिस ने इस मामले में तकनीकी रूप से अनुसंधान किया, तो परत दर परत मामला खुलता गया. पुलिस ने इसके लिए पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से संबंधित लोगों को हिरासत में लेने को कहा. पुलिस के पहुंचने के बाद दोनों दादा फरार हो गये.

पुलिस के द्वारा चाचा सुंदर यादव को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गयी, तो मामले का खुलासा किया जा सका. पुलिस ने बताया इस मामले में फूफा संजीव कुमार यादव, सुंदर यादव व सुधीर यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. पुलिस अन्य आरोपियों को भी खोज रही है. दादा व पिता दोनों इस मामले में फरार हैं.

पुलिस ने पूछताछ के लिए महिलाओं को भी हिरासत में लिया है. पुलिस ने उस वाहन, हत्या में प्रयुक्त पत्थर व रस्सी को भी बरामद कर लिया है. एसपी ने बताया कि इस कांड को सुलझाने में एसडीपीओ आनंद मोहन सिंह के अलावा इंस्पेक्टर बलबीर सिंह, दारोगा अरुण कुमार, थाना प्रभारी बलिराम रावत, पुअनि अजीत कुमार वर्मा, पुअनि चंद्रशेखर सिंह, पुअनि अमित अभिषेक, सूरज कुमार आदि लगे थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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Published Date

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