महागामा प्रखंड अंतर्गत परसा पंचायत में वर्ष 2010 में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्मित अस्पताल आज बदहाली का शिकार है. यह स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन डेढ़ दशक बीत जाने के बाद भी मूलभूत सुविधाएं बहाल नहीं हो सकी हैं. अस्पताल में आज तक कोई स्थायी डॉक्टर नियुक्त नहीं हो पाया है. वर्तमान में यह स्वास्थ्य केंद्र केवल एएनएम के भरोसे संचालित हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर बीमारी होने पर तो दूर, मामूली इलाज के लिए भी उन्हें अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है. स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि अस्पताल निर्माण के समय लोगों में काफी उम्मीद जगी थी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है. उन्होंने बताया कि डॉक्टर के अभाव में अस्पताल केवल नाम मात्र का रह गया है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को समुचित और प्रभावी स्वास्थ्य सुविधा मिल सके.
महागामा के परसा पंचायत का अस्पताल बदहाली का शिकार
परसा अस्पताल में नहीं बहाल हुई स्वास्थ्य सेवा
