पोड़ैयाहाट प्रखंड के संत फ्रांसिस उच्च विद्यालय में गुरुवार को छात्राओं के लिए एचपीवी वैक्सीन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में ख्रीस्त राजा हॉस्पिटल के डॉ. रोशिन ने छात्राओं को एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर से बचाव में वैक्सीन के महत्व के बारे में जानकारी दी. डॉ. रोशिन ने बताया कि एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है. भारत में हर साल हजारों महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं. बचाव का सबसे कारगर तरीका एचपीवी वैक्सीन है. 9 से 14 वर्ष की बच्चियों को टीका लगवाना सबसे अधिक फायदेमंद है. इस उम्र में प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है. 15 साल से ऊपर की किशोरियों को भी डॉक्टर की सलाह पर टीका लग सकता है. 9 से 14 साल की बच्चियों को 6 महीने के अंतराल पर दो डोज दिए जाते हैं. 15 साल से ऊपर के लिए तीन डोज 0, 2 और 6 महीने पर लगाये जाते हैं. सरकारी अस्पतालों में यह टीका मुफ्त उपलब्ध है और पूरी तरह सुरक्षित है. हल्का बुखार या दर्द जैसे सामान्य असर एक-दो दिन में ठीक हो जाते हैं. विद्यालय के हेडमास्टर फादर राजू ने छात्राओं से कहा कि घर जाकर माता-पिता को भी टीके के बारे में जानकारी दें. जानकारी के अभाव में कई लोग टीका नहीं लगवाते. उन्होंने बताया कि समय पर टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर से बचा जा सकता है. फादर राजू ने यह भी बताया कि जल्द ही स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विद्यालय में टीकाकरण कैंप लगाया जाएगा. इच्छुक बच्चियों को अभिभावकों की सहमति से यहीं टीका लगेगा.
संत फ्रांसिस हाई स्कूल में छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन के प्रति किया गया जागरूक
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण का महत्व समझाया गया
