डीएलएसए की ओर से परिवार न्यायालय में संचालित पांच दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान का समापन शुक्रवार को हो गया. इस दौरान पारिवारिक विवाद से संबंधित 15 मामलों का निष्पादन कराया गया. मध्यस्थों ने कड़ी मशक्कत कर वर्षों से बिछड़े दंपतियों को मिलाकर फिर से दाम्पत्य जीवन को बेहतर करने का प्रयास किया. परिवार न्यायालय के प्रधान जज अनिल कुमार पांडेय ने कहा कि विशेष मध्यस्थता शिविर में खासकर पारिवारिक मामले का उभय पक्षों की उपस्थिति में समझौता के माध्यम से निबटारा किया जाता है. इसमें वर्षों से चल रहे मुकदमे का मिनटों में समाधान हो जाता है. इसके लिए दोनों पक्षों को अहम त्यागने की जरूरत है. इस दौरान ललमटिया थाना क्षेत्र के सिमरा निवासी प्रियंका कुमारी व नवगछिया बिहार के चंद्रशेखर सुमन के बीच छह माह से विवाद हो गया था. चंद्रशेखर रेलवे में नौकरी करता है. मुकदमा के कारण दोनों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी. आखिर विशेष मध्यस्थता अभियान के दौरान मध्यस्थ अफसर हसनैन ने दोनों को समझा बुझाकर मिलाया. दोनों ने पुराने विवाद को भुलाकर साथ-साथ रहने का संकल्प लिया. पति-पत्नी व बच्चे के साथ दानापुर के लिए दोनों दंपति रवाना हो गये. वहीं मुफसिल थाना क्षेत्र के चपरी निवासी काजल कुमारी व पीरपैती के पप्पू कुमार साह के बीच विवाद का निबटारा मध्यस्थ धर्मेंद्र नारायण ने किया. दोनों एक-दूसरे के साथ रहने को राजी हुए. वहीं तीसरे मामले में ललमटिया निवासी अकरम अंसारी व ओडिशा की रुखसाना खातून का विवाद भी निबटाया गया. मध्यस्थता शिविर में मीडिएटर के रूप में धर्मेंद्र नारायण, उग्रेश झा, अजय साह, अफसर हसनैन, जितेंद्र दुबे, राजकुमार घोष, सादिक अहमद, नूतन तिवारी, अनंत नारायण दुबे, मो असलम, गौरी प्रिया, दिलीप कुमार झा, श्वेता रानी, प्रदीप कुमार साह आदि सुनवाई कर रहे थे.
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