आक्रोश . होल्डिंग टैक्स में वृद्धि को वापस लेने व धान क्रय केंद्र खोले जाने की मांग
विभिन्न मांगाें को लेकर प्रदीप यादव के नेतृत्व में झािवमो कार्यकर्ताओं ने शहीद चौक पर प्रदर्शन किया. इस दौरान हॉल्डिंग टैक्स में वृद्वि को पास लेने की मांग की गयी.
गोड्डा : बुधवार को स्थानीय शहीद स्तंभ परिसर के समक्ष झारखंड विकास मोरचा (झाविमो) की ओर से मांगों को लेकर धरना- प्रदर्शन किया. इसका नेतृत्व पोड़ैयाहाट विधायक सह झाविमो के महासचिव प्रदीप यादव ने किया. उन्होंने रघुवर सरकार को जनविरोधी बताया. कहा : सरकार ने गरीबों के साथ मजाक किया है. बढ़े होल्डिंग टैक्स को देने का दबाव आम व मध्य वर्ग के लोगों पर बना रही है. जिसकों देने में लोग पहले ही अक्षम है. इस व्यवस्था के प्रति आम लोगों के अाक्रोश बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में गरीबो को सब्जबाग दिखाने का काम किया जा रहा है. रांची में बड़े-बड़े उद्योगपतियों के लिये मोमेंटम झारखंड के नाम पर करोड़ों रुपये बरबाद किये जा रहे हैं.
जिसका कोई लेखा-जोखा नहीं है. अब तक सरकार आम लोगों के लिये अब तक कुछ नहीं कर पायी है. शौचालय निर्माण के एवज में 12 हजार की राशि देकर भी लोगों को ठग रही है. धान क्रय केंद्र खोलने के नाम पर केवल नौटंकी की गयी है. किसानो का धान अभी भी औने पौने दामों पर बिक रहा है. 1600 रुपये का रेट अब तक किसानों को नही मिला है. डोभा के नाम पर केवल किसानों की जमीन को बरबाद किया गया. पंचायत सेवक व रोजगार सेवक भी इस योजना से तौबा कर चुके हैं.
विकास के इसी नमूने को लेकर सरकार अपनी वाहवाही लूट रही है. कहा कि जरूरत पुराने जलाशयों का जिर्णोद्धार करने का है. जनदबाव के आगे सरकार को झुकना होगा. हर हाल में होल्डिंग टैक्स सरकार को वापस लेना होगा. सभा को जिलाध्यक्ष धनंजय यादव, वेणु चौबे, अजय शर्मा, अब्दुल बहाव शम्स, फुल कुमारी देवी, मनोज यादव आदि ने भी संबोधित किया. सभा का संचालन प्रवक्ता दिलीप साह ने किया. इस अवसर पर सीताराम राय,अमरेंद्र अमर, राजकुमार भगत आदि थे.
रघुवर सरकार ने गरीबों को छला : प्रदीप
रैली निकाली
सभा के बाद शहीद स्तंभ परिसर से ही रैली निकाली गयी. रैली के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा. जिसमें होल्डिंग टैक्स में कमी लाने, किसानों का धान क्रय के नियमों का सरलीकरण करने, गोड्डा बायपास रोड का निर्माण करने, कोल्ड स्टोरेज का निर्माण शीघ्र करने आदि मांग की गयी है.
किसानों को नहीं मिल रहा धान का उचित मूल्य
डोभा के नाम जमीन को किया गया बरबाद
विभागों में लग रहे बैनर व हॉर्डिंग
