ससुराल के लोगों पर दर्ज कराया था मुकदमा
प्रधान जिला व सत्र न्यायधीश अरजी किया खारिज
गोड्डा : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश उमाशंकर प्रसाद सिंह ने शादी करने के पश्चात् शारीरिक व मानसिक रूप से अपनी पत्नी को प्रताड़ित करने के आरोप में आरोपित पति कन्हैया पांडेय की अग्रिम जमानत अरजी खारिज कर दी है. आरोपित पर उसकी पत्नी नीतू पांडेय ने महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. 11 दिसंबर 2015 को दर्ज प्राथमिकी संख्या 05/15 के अनुसार शहर के नहर चौक निवासी नीतू पांडेय का विवाह देवघर के मोहनपुर थाना अंतर्गत आनंद नगर कॉलोनी निवासी कन्हैया पांडेय के साथ 10 दिसंबर 2012 को हुई थी.
शादी के समय कन्हैया सिंहारसी में एयरफोर्स में पदस्थापित था. विवाह के कुछ दिन बाद ही आरोपित कन्हैया पांडेय अपनी मां-बाप, भाई व परिवारवालों के कहने पर अपनी पत्नी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा. इस बीच दोनों को एक पुत्र भी हुआ. सिंहारसी से बंग्लोर तबादला होने के पश्चात कन्हैया अपनी पत्नी व पुत्र के साथ बंगलोर गया. 29 सितंबर 2015 को रात में सोने के समय उसने अपनी पत्नी की गला दबाकर जान मारने की भी कोशिश की.
पत्नी के परिवार वालों से वह मनपंसद वाहन व सामान का भी मांग लगातार करता रहा है. इसमें उसके परिवार वाले उसका भरपूर साथ देते हैं. केस दर्ज होने के पश्चात् गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपित द्वारा अग्रिम जमानत की अरजी सत्र न्यायालय में दाखिल की गई थी. जिसके सुनवाई के बाद खारिज कर दी गयी.
